Barabanki: घाघरा नदी का जलस्तर लाल निशान से 70 सेमी ऊपर, तराई क्षेत्र में बाढ़-कटान का खतरा बढ़ा

Barabanki: तहसील रामनगर के घाघरा घाट स्थित एल्गिन ब्रिज-संजय सेतु के नीचे बह रही घाघरा नदी का जलस्तर लगातार तीसरे दिन बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी पवन कुमार के अनुसार मंगलवार सुबह आठ बजे जलस्तर 106.770 मीटर दर्ज किया गया। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे जलस्तर बढ़कर 106.780 मीटर पहुंच गया। नदी के जलस्तर में लगातार करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की वृद्धि दर्ज की जा रही है।

जानिए क्या है पूरा मामला?

जलस्तर बढ़ने के साथ ही घाघरा नदी ने तराई क्षेत्र में अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। नदी का पानी खेतों, रास्तों, पुलियों और तालाबों के जरिए ग्रामीण इलाकों की ओर पहुंच रहा है। इससे रामनगर तहसील क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। सबसे अधिक असर हेतमापुर गांव में देखने को मिल रहा है। यहां बाढ़ के साथ नदी कटान भी कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार नदी की तेज धारा की चपेट में आने से गांव के मंदिर और मस्जिद तक प्रभावित होकर नदी में समा चुके हैं। जिला प्रशासन की ओर से हेतमापुर सहित प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत कार्य चलाया जा रहा है, लेकिन नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और कटान के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

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बताया जा रहा है कि पड़ोसी देश नेपाल की ओर से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। केंद्रीय जल आयोग की टीम नदी के जलस्तर पर चौबीस घंटे नजर बनाए हुए है और लगातार आंकड़े दर्ज किए जा रहे हैं। जलस्तर में हो रही निरंतर वृद्धि को देखते हुए तराई क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों पर निगरानी रखी जा रही है और राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

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