रायबरेली: जिले के सिविल कोर्ट परिसर में अब फर्जी वकीलों और रौब गांठने वालों की शामत आने वाली है। सेंट्रल बार एसोसिएशन ने एक बेहद सख्त और कड़ा रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया है। एसोसिएशन के इस तीखे तेवर से कचहरी परिसर में हड़कंप मच गया है और वकीलों की कार्यशैली व अनुशासन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश चन्द्र यादव और महामंत्री संजय प्रताप सिंह ‘कछवाह’ की ओर से जारी की गई इस आधिकारिक सूचना में दो टूक कह दिया गया है कि कोर्ट परिसर में कानून की आड़ में मनमानी करने वालों पर अब कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
वर्दी और सीओपी (COP) के बिना नो एंट्री
एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र यादव ने स्पष्ट किया है कि जिस किसी भी व्यक्ति के पास सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (C.O.P.) नहीं है, वह कृपा करके वकीलों की निर्धारित पोशाक (ड्रेस कोड) पहनकर न्यायालय परिसर में प्रवेश न करे। इतना ही नहीं, चेतावनी दी गई है कि यदि नियमों का उल्लंघन किया गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त से सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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कचहरी गलियारों में तेज हुई चर्चाएं
इस सनसनीखेज फरमान के सामने आने के बाद कचहरी के गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जानकारों का मानना है कि इस कदम से कोर्ट परिसर में घूम रहे उन तथाकथित लोगों पर नकेल कसेगी जो बिना वैध दस्तावेजों के खुद को वकील साबित कर मुवक्किलों से ठगी या अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास करते हैं। बार एसोसिएशन के इस आक्रामक तेवर से साफ है कि अब सिविल कोर्ट में सिर्फ और सिर्फ असली और अनुशासित वकीलों का ही सिक्का चलेगा।














