सिद्धार्थनगर: उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर सिद्धार्थनगर जिले में भी लेखपालों ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। शनिवार को नौगढ़ तहसील परिसर में बड़ी संख्या में लेखपाल एकजुट हुए और अपनी आठ सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। आंदोलन के तहत लेखपालों ने कार्य बहिष्कार भी किया।
संपूर्ण समाधान दिवस पर पड़ा असर
Advertisement
लेखपालों के कार्य बहिष्कार का सीधा असर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर देखने को मिला। लेखपालों के अनुपस्थित रहने से फरियादियों की शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया प्रभावित हुई। कई फरियादियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इंतजार करना पड़ा और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
2800 ग्रेड-पे की मांग पर जोर
प्रदर्शन के दौरान लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि वेतन विसंगति दूर करने और 2800 ग्रेड-पे लागू करने की मांग लंबे समय से शासन के समक्ष रखी जा रही है। उनका कहना है कि कई वर्षों से मांग उठाए जाने के बावजूद अभी तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे लेखपालों में नाराजगी बनी हुई है।
भत्तों को लेकर भी उठाए सवाल
अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि मौजूदा समय में लेखपालों के काम का बड़ा हिस्सा डिजिटल माध्यम से जुड़ा है। IGRS जैसी शिकायतों के निस्तारण के लिए मौके पर जाने में कर्मचारियों को अपनी जेब से करीब 300 से 400 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं, जबकि स्टेशनरी और साइकिल भत्ते के रूप में महज 100-100 रुपये दिए जाते हैं। संघ ने इन भत्तों को मौजूदा जरूरतों के अनुरूप बढ़ाने की मांग की है।
अंतर-मंडलीय तबादले की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
लेखपाल संघ ने दूर-दराज के जिलों में तैनात कर्मचारियों के लिए अंतर-मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जल्द पूरा करने की मांग भी उठाई है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि आठ सूत्रीय मांगों के समाधान तक संगठन का क्रमिक आंदोलन और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। संघ ने शासन से जल्द सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है।



