UP: बारिश-आंधी ने किसानों की बढ़ाई मुश्किलें, पानी में गिरी धान की फसल काटने को मजबूर

बाराबंकी: जिले की विभिन्न तहसीलों में बारिश और आंधी के बाद धान की फसल प्रभावित होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। खेतों में पानी भरने और तेज हवा के कारण कई स्थानों पर धान की फसल जमीन पर गिर गई है। अब किसान पानी में पड़ी फसल को मेहनत कर काटने में जुटे हैं, ताकि जो कुछ अनाज बच सकता है, उसे सुरक्षित किया जा सके। किसानों का कहना है कि फसल को खेत में सड़ने के लिए छोड़ना उनके लिए संभव नहीं है। इसलिए पानी और कीचड़ के बीच परिवार के लोग मिलकर धान काट रहे हैं।

रामनगर तहसील क्षेत्र की आदर्शनगर पंचायत के केसरीपुर वार्ड में सोमवार दोपहर किसान राजबहादुर यादव अपने परिवार की महिलाओं के साथ पानी में गिरी धान की फसल काटते नजर आए। खेत में पानी भरा होने के कारण हसिया से फसल काटना भी मुश्किल हो रहा था। इसके बावजूद किसान फसल बचाने की जद्दोजहद में लगे रहे।

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राजबहादुर यादव ने बताया कि आंधी और बारिश से धान की फसल खेत में गिर गई है और पानी भरने से उसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि किसान की पूरी मेहनत फसल में लगी है। अब जितना अनाज बच सकेगा, उसे काटकर सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।

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मुआवजा नहीं मिला, सर्वे की मांग

किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान पहुंचने के बावजूद उन्हें अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। राजबहादुर ने बताया कि उनके खेत का नुकसान देखने अभी तक कोई लेखपाल या संबंधित अधिकारी नहीं पहुंचा है। इससे किसानों में चिंता बनी हुई है।

किसानों ने प्रशासन से जिलेभर में प्रभावित खेतों का स्थलीय सर्वे कराने, फसल नुकसान का आकलन करने और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि खेत में खड़ी और गिरी फसल को बचाने के लिए वे अपनी ओर से पूरी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन सरकारी राहत मिलने से ही उनकी आर्थिक परेशानी कुछ कम हो सकेगी।

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