UP: प्रयागराज (Prayagraj) में माघ मेले (Magh Mela) के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwarananda) और मेला प्रशासन के बीच विवाद पिछले छह दिनों से लगातार बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने शिविर की सुरक्षा बढ़ाते हुए अंदर और बाहर कुल 12 सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। उनके विशेष प्रतिनिधि देवेंद्र पांडे का कहना है कि, हमारी मजबूरी है, क्योंकि शंकराचार्य सड़क पर बैठे हैं। प्रशासन और उसके गुंडे संत के वेश में शैतान यहां घूम रहे हैं। उनसे शंकराचार्य की जान को खतरा है। रात में आकर वीडियो बनाते हैं। पकड़े जाने पर कहते हैं कि नोटिस देने आए हैं।
सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप
देवेंद्र पांडे ने आरोप लगाया कि प्रशासनके गुंडे संत के वेश में शैतान यहां घूम रहे हैं। जो रात के समय वीडियो बनाते हैं। पकड़े जाने पर वे नोटिस देने की बात कहते हैं। उनका दावा है कि शंकराचार्य की जान को खतरा है, इसी कारण निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पूरे घटनाक्रम ने मेले के माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है।
स्वास्थ्य को लेकर चिंता
इस बीच अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। शुक्रवार को अचानक उनकी हालत बिगड़ गई थी और उन्हें तेज बुखार हो गया था। रात में उन्होंने दवाइयां लीं, लेकिन अब भी कमजोरी बनी हुई है। स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद वे अपने विरोध पर डटे हुए हैं।
कब हुआ विवाद
मौनी अमावस्या के दिन पालकी से स्नान के दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने और धक्का-मुक्की के बाद यह पूरा विवाद शुरू हुआ था। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी कर माघ मेले से प्रतिबंध की चेतावनी भी दी थी, जिसका जवाब शंकराचार्य की ओर से दिया जा चुका है।










































