रायबरेली: गांवों की तस्वीर बदलने के लिए सरकार ने एक बेहद शानदार और धमाकेदार पहल की है। अब गांवों में विकास के लिए सिर्फ कागजी घोड़े नहीं दौड़ेंगे, बल्कि धरातल पर काम करने वाली ग्राम पंचायतों पर पैसों की बारिश होगी। बेहतरीन काम करने वाली ग्राम पंचायतों को 50 लाख रुपये तक का तगड़ा पुरस्कार मिलने जा रहा है।
गांवों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल सेवाओं, महिला सहभागिता और जैविक खेती जैसे जरूरी क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार योजना’ शुरू की गई है। इस योजना का मकसद गांवों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जगाना है ताकि हर गांव खुद को आधुनिक और आत्मनिर्भर बना सके। खास बात यह है कि इस योजना के तहत 30 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं, और चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है।
इन 10 श्रेणियों में मिलेगा बंपर इनाम
सरकार ने गांवों के विकास के लिए कुल 10 अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। जिस भी क्षेत्र में ग्राम पंचायत का काम सबसे शानदार होगा, उसे उसी श्रेणी में यह भारी-भरकम पुरस्कार मिलेगा:
घर-घर कचरा एकत्र करने वाली अग्रणी ग्राम पंचायत
तरल अपशिष्ट (लिक्विड वेस्ट) प्रबंधन में अव्वल गांव
अपनी खुद की आय (ओएसआर) सृजित करने वाली ग्राम पंचायत
प्लास्टिक मुक्त और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन करने वाले गांव
कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के जरिए डिजिटल सेवाएं देने वाली पंचायत
पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन में जुटा गांव
’मेरा तालाब मेरी योजना’ के तहत श्रेष्ठ कार्य करने वाली पंचायत
महिला नेतृत्व और सहभागिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाला गांव
विभिन्न डिजिटल और नागरिक सेवाएं प्रदान करने वाली पंचायत
सर्वाधिक जैविक कृषि (ऑर्गेनिक फार्मिंग) करने वाली ग्राम पंचायत
डीपीआरओ ने दी पूरी जानकारी
जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को 50 लाख रुपये तक का पुरस्कार दिया जाना है। प्रत्येक श्रेणी में विजेता पंचायत को यह पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।














