भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का किया स्वागत
पाकिस्तानी-बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाने पर कांग्रेस को आपत्ति क्यों
कभी ईवीएम तो कभी एसआईआर का बहाना ढूंढती है दो लड़कों की जोड़ी
आपातकाल और सिख विरोधी हिंसा के लिए देश से माफी मांगे कांग्रेस
गोरखपुर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। राहुल गांधी को फुस्स रॉकेट बताते हुए कहा कि उनका बारूद समाप्त हो चुका है। कांग्रेस चाहे जितनी बार उन्हें लॉन्च कर ले, अब वह लॉन्च नहीं होने वाले। वहीं, अखिलेश यादव के बदला लेने संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के बबुआ को कोई समझाए कि लोकतंत्र में बदला नहीं, जनता बदलाव करती है। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि पाकिस्तानी और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाने पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों को आपत्ति क्यों है? उन्होंने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन अपनी चुनावी पराजय छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में भाजपा द्वारा आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनका यह पहला गोरखपुर दौरा है। लोकतंत्र को मजबूत करने और अराजकता के खिलाफ जनजागरण के लिए उन्होंने बाबा गोरक्षनाथ की धरती को चुना है। यह पदयात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से जुड़ी है।
अखिलेश को नसीहत, लोकतंत्र में बदला नहीं होता
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष ने कहा है कि अगली पीढ़ी हर लाठी और हर जख्म का बदला लेगी। उन्होंने पलटवार किया कि समाजवादी पार्टी के बबुआ को समझना चाहिए कि लोकतंत्र में बदला नहीं, जनता बदलाव करती है। वर्ष 2014 में देश और 2017 में उत्तर प्रदेश की जनता ने बदलाव करके दिखाया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में सपा-कांग्रेस को मिली कुल सीटों से अधिक 255 सीटें अकेले भाजपा ने 2022 में जीती थीं। जनता ही तय करती है कि किसे सत्ता सौंपनी है।
राहुल का रॉकेट उड़ने से पहले छोड़ देता है धुआं
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी की राजनीतिक लॉन्चिंग पर तंज कसते हुए कहा कि दीपावली पर कुछ रॉकेट ऐसे होते हैं, जिनमें बत्ती लगाने के बाद लोग आसमान की ओर देखते रह जाते हैं, लेकिन रॉकेट वहीं धुआं छोड़कर बुझ जाता है। राहुल गांधी की भी यही स्थिति हो चुकी है। कांग्रेस ने वर्ष 2004 में सांसद, 2007 में महासचिव, 2013 में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 2017 में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर उन्हें लॉन्च किया। इसके बाद 2019 में वह अमेठी से चुनाव हार गए। भारत जोड़ो यात्रा, न्याय यात्रा और अधिकार यात्रा से भी स्थिति नहीं बदली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी 56 वर्ष के हो गए हैं, लेकिन कांग्रेस के लिए अभी भी युवा हैं। अब यह युवा कभी लॉन्च नहीं होने वाला है।
घुसपैठियों के नाम हटाने पर हाय-तौबा क्यों
मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करने पर कांग्रेस और इंडी गठबंधन को घेरा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952, 1962 और 2003 सहित अलग-अलग समय में मतदाता सूची का पुनरीक्षण हुआ है। कांग्रेस के शासनकाल में इसका समर्थन किया जाता था, लेकिन आज निर्वाचन आयोग जब बांग्लादेशी घुसपैठियों, पाकिस्तानियों और मृत व्यक्तियों के नाम हटाने की कार्रवाई कर रहा है तो विरोध हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई विदेशी घुसपैठिया मतदाता सूची में नाम दर्ज कराता है तो वह भारत के किसी गरीब, दलित और वंचित का अधिकार छीनता है। ऐसे नाम हटाना उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर अराजकता पैदा करने के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगियों को देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए।
हारते ही ईवीएम पर फोड़ते हैं ठीकरा
मुख्यमंत्री ने राहुल-अखिलेश की जोड़ी की तुलना बार-बार परीक्षा में असफल होने वाले छात्र से की। कहा कि ऐसा छात्र कभी कॉपी गायब होने, कभी प्रश्नपत्र पाठ्यक्रम से बाहर आने और कभी पेन की स्याही समाप्त होने का बहाना बनाता है। अपनी असफलता स्वीकार नहीं करता। दोनों नेताओं की भी यही स्थिति है। चुनाव जीतने पर अपना पुरुषार्थ बताते हैं और हारने पर ईवीएम तथा निर्वाचन आयोग को दोषी ठहराते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में 44, वर्ष 2019 में 52 और वर्ष 2024 में 99 सीटें मिलीं। तीनों चुनावों में कुल 195 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा ने अकेले 2024 में 240 सीटें जीतीं। उन्होंने बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के चुनावी परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि बार-बार की हार के बावजूद कांग्रेस आत्ममंथन नहीं करती।
आपातकाल और सिख विरोधी हिंसा पर मांगा जवाब
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1975 में देश पर आपातकाल थोपने वाली कांग्रेस आज लोकतंत्र पर उपदेश दे रही है। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या कांग्रेस आपातकाल में प्रताड़ित लोगों और जान गंवाने वालों के परिजनों से माफी मांगेगी? वर्ष 1984 की सिख विरोधी हिंसा का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि एक नवंबर को जब देश पीड़ित परिवारों को याद कर रहा था, तब कांग्रेस दिल्ली में जश्न मना रही थी।














