Banda: बांदा में दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने एक गरीब परिवार का सहारा छीन लिया। चिल्ला थाना क्षेत्र के पपरेंदा गांव में शनिवार की देर रात करीब 1:30 बजे जर्जर कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया।घर के अंदर सो रहे 70 वर्षीय चुन्नी वर्मा मलबे में दब गए। परिजनों ने चीख-पुकार के बीच मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला,लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
रात के सन्नाटे में ढहा आशियाना,मलबे में दब गई जिंदगी
पपरेंदा गांव निवासी चुन्नी वर्मा पुत्र स्वर्गीय सुखारी वर्मा शनिवार रात अपने कच्चे मकान में सो रहे थे।लगातार बारिश से मकान पहले ही जर्जर हो चुका था।रात करीब डेढ़ बजे अचानक मकान भरभराकर उनके ऊपर गिर पड़ा।तेज आवाज और हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन दौड़कर मौके पर पहुंचे।सभी ने मिलकर मलबा हटाया और वृद्ध को बाहर निकाला,लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।जिस घर में कुछ देर पहले तक परिवार के लोग चैन की नींद सो रहे थे,वहां देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई। चुन्नी वर्मा मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।उनकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी।परिवार में छह बेटे हैं,जो गांव में रहकर मजदूरी करते हैं।मृतक के नाम महज एक बीघा जमीन है।परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई गई है।ऐसे में परिवार के मुखिया की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
एक झटके में उजड़ गया परिवार का सहारा
बारिश से कमजोर हुए कच्चे मकान ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक की लहर है। परिजनों के अनुसार,घटना के संबंध में अभी तक थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई है। लगातार बारिश के बीच जर्जर मकानों में रह रहे परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।














