गोण्डा: कर्नलगंज मुख्य मार्ग पर ग्राम पंचायत कस्तूरी के पास हाईवे पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन गया है। दिन हो या रात, बड़ी संख्या में बेसहारा पशु हाईवे पर ही बैठे और विचरण करते नजर आते हैं। इसके चलते वाहन चालकों को आवागमन के दौरान काफी परेशानी उठानी पड़ रही है और हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
हाईवे पर अचानक सामने आ जाते हैं पशु
गोंडा-कर्नलगंज मुख्य मार्ग पर वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है। तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों के सामने अचानक बेसहारा पशुओं के आ जाने से चालक असमंजस में पड़ जाते हैं। कई बार पशुओं को बचाने के प्रयास में वाहन अनियंत्रित होने की स्थिति भी पैदा हो जाती है। खासकर रात के समय सड़क पर बैठे पशु वाहन चालकों को आसानी से दिखाई नहीं देते, जिससे गंभीर हादसे की आशंका और बढ़ जाती है।
जिले में लगातार सामने आ रहे हादसे
बेसहारा पशुओं की समस्या सिर्फ कस्तूरी गांव तक सीमित नहीं है। जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गों और हाईवे पर बेसहारा पशुओं के सड़क पर घूमने और बैठने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इन पशुओं की वजह से आए दिन छोटे-बड़े हादसे होने की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में हाईवे पर पशुओं का जमावड़ा राहगीरों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि गोंडा-कर्नलगंज मुख्य मार्ग पर ग्राम पंचायत कस्तूरी के पास हाईवे पर बैठे बेसहारा पशुओं को तत्काल हटवाया जाए। साथ ही पशुओं को सुरक्षित स्थान अथवा गोशाला में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी दिन बड़ा सड़क हादसा हो सकता है।
सड़क सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
हाईवे पर लगातार बेसहारा पशुओं का बैठे रहना सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। वाहन चालकों का कहना है कि संबंधित विभाग और प्रशासन को ऐसे संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर नियमित रूप से अभियान चलाना चाहिए, ताकि सड़क पर पशुओं की मौजूदगी से होने वाले हादसों को रोका जा सके।
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