UP: सहारनपुर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकत्रियों और आशा संगिनियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में आशाएं जिला अस्पताल परिसर में एकत्रित हुईं और सीएमओ कार्यालय का घेराव किया। इसके बाद हकीकत नगर में एकत्रित होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं और अधिकारियों को अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। आशा संगठन की जिला अध्यक्ष शशि राजपूत ने कहा कि आशाओं का मानदेय बढ़ाकर 21 हजार रुपये और आशा संगिनियों का 24 हजार रुपये किया जाए।
उन्होंने कहा कि आशाएं दिन-रात स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यों में लगी रहती हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण, प्रसव संबंधी कार्य, सी-पैक आईडी और आयुष्मान कार्ड सहित सरकार की कई योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में आशाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय नहीं मिल रहा है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। शशि राजपूत ने मांग की कि आशाओं और आशा संगिनियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और पेंशन की व्यवस्था हो, 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जाए। इसके अलावा ईपीएफ और ईएसआई का लाभ, आशा संगिनियों के लिए आने-जाने की व्यवस्था, 5जी इंटरनेट सिम, अस्पतालों में विश्राम की सुविधा, बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान और सीएचसी व जिला अस्पतालों में सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं धरना आगे भी अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। संगठन के अनुसार, प्रदर्शन में जिले के 11 ब्लॉकों से सैकड़ों आशा कार्यकत्रियां और आशा संगिनियां शामिल हुईं। वहीं, सीएमओ डॉ. शेर सिंह कक्कड़ ने बताया कि आशा कार्यकत्रियों ने मानदेय बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन दिया है। उनकी मांगों से प्रशासन को अवगत कराया जाएगा और सभी ब्लॉकों से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।














