UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में बड़ा कदम उठाते हुए 25,000 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े एक MoU का ऐलान किया, जिसने तुरंत ही सुर्खियां बटोर लीं। सरकार का कहना है कि इस पहल के तहत राज्य में AI पार्क, डेटा सेंटर, AI यूनिवर्सिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा, जिससे यूपी को देश का प्रमुख टेक्नोलॉजी हब बनाया जा सके।
Puch AI पर उठे सवाल
इस पूरे प्रोजेक्ट के केंद्र में Puch AI नाम की एक उभरती स्टार्टअप है, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अभी शुरुआती दौर में है और टेक इंडस्ट्री में उसका बड़ा ट्रैक रिकॉर्ड नहीं है। कंपनी का फोकस WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए आम लोगों तक AI पहुंचाने पर है, लेकिन उसके अनुभव और क्षमता को लेकर विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर विवाद
New Uttar Pradesh is embracing the power of Artificial Intelligence.
A ₹25,000 Crore MoU with Puch AI will bring AI Parks, large-scale data center infrastructure, AI Commons, and an AI University to the state.
This initiative will strengthen governance, drive innovation, and…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 23, 2026
जैसे ही इस डील की जानकारी सार्वजनिक हुई, सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पोस्ट पर यूजर्स ने कंपनी की वित्तीय स्थिति और प्रोजेक्ट को पूरा करने की क्षमता पर सवाल उठाए। फैक्ट-चेक लेबल में यह भी दावा किया गया कि कंपनी का सालाना रेवेन्यू सीमित है, जिससे इतनी बड़ी परियोजना को संभालने पर संदेह जताया गया।
सरकार की सफाई
An MoU by Invest UP is a preliminary step before detailed due diligence and project evaluation gets done.
The MoU with Puch AI is similarly an initiation of the process by Invest UP to explore potential in the AI sector.
MoUs are non-binding on the State Government. Any… https://t.co/f0sEL4hU9x
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 24, 2026
विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कोई सीधा सरकारी खर्च नहीं, बल्कि एक MoU है, यानी प्रस्तावित निवेश का एक ढांचा। उन्होंने बताया कि 25,000 करोड़ रुपये की राशि चरणबद्ध तरीके से निवेश के रूप में लाई जाएगी। सरकार का उद्देश्य राज्य में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा देना है, न कि तत्काल फंड ट्रांसफर करना।
उम्मीदें और चुनौतियां
टेक विशेषज्ञों की राय इस मुद्दे पर बंटी हुई है। कुछ इसे भारत के AI भविष्य के लिए साहसिक कदम मानते हैं, तो कुछ इसके क्रियान्वयन को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह देते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह समझौता वास्तव में जमीन पर उतर पाएगा और क्या उत्तर प्रदेश AI के क्षेत्र में अपनी महत्वाकांक्षाओं को साकार कर पाएगा।
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