UP: AIIMS गोरखपुर में जटिल ऑर्थोग्नाथिक सर्जरी से 22 वर्षीय युवक को दी नई जिंदगी

UP: कुशीनगर (Kushinagar) के बालुही निवासी 22 वर्षीय युवक पिछले 15 वर्षों से अपने निचले जबड़े की समस्या से पीड़ित था। जन्म के कुछ साल बाद ही उसकी दोनों तरफ की जबड़े की हड्डी खोपड़ी से जुड़ गई थी (TMJ Ankylosis), जिससे उसका मुँह पूरी तरह नहीं खुल पाता था। इस वजह से युवक खाने-पीने में कठिनाई और कुपोषण का शिकार हो गया। पहले कई शहरों में इलाज कराने के बावजूद समस्या पूरी तरह ठीक नहीं हो पाई थी।

AIIMS गोरखपुर में जटिल सर्जरी का विकल्प

युवक के परिवार ने अंततः गोरखपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के दंत चिकित्सा विभाग का रुख किया। यहाँ के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. शैलेश कुमार ने जाँच के बाद बताया कि मरीज का निचला जबड़ा पूरी तरह विकसित नहीं हुआ था और खोपड़ी से पूरी तरह जुड़ा हुआ था। इससे युवक को सांस लेने और सोने में कठिनाई, यानी ओब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया (OSA) जैसी गंभीर समस्या हो रही थी।

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दो चरणों में सर्जरी की योजना

डॉ. शैलेश ने बताया कि इलाज को दो हिस्सों में किया गया। पहले चरण में निचले जबड़े को विकसित करने के लिए Intraoral Distraction Osteogenesis तकनीक अपनाई गई। दूसरे चरण में Gap Arthroplasty और Sliding Genioplasty के माध्यम से एंकिलोज्ड हड्डी को अलग कर चेहरे और ठुड्डी का आकार सुधारने का काम किया गया। इस दौरान एनेस्थीसिया विभाग ने विशेष सावधानी बरती क्योंकि ऐसे मरीजों में बेहोशी के दौरान जोखिम अधिक होता है।

प्रथम चरण, धीरे-धीरे जबड़े को विकसित करना

अप्रैल 2025 में पहले चरण की सर्जरी हुई। इसमें मरीज की गले के पास सुन्न करके नाक के रास्ते सांस की नली डाली गई और फिर पूर्ण बेहोशी में सर्जरी की गई। निचले जबड़े में एक उपकरण (Distractor) फिट किया गया, जो धीरे-धीरे हड्डी को आगे बढ़ाता रहा। परिणामस्वरूप, जबड़ा धीरे-धीरे विकसित हुआ, चेहरे की बनावट उभरने लगी और सांस लेने में सुधार हुआ।

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द्वितीय चरण, पूर्ण कायाकल्प

जनवरी 2026 में दूसरी सर्जरी हुई। इसमें डिस्ट्रैक्टर हटाया गया, एंकिलोज्ड हड्डी अलग की गई और ठुड्डी की स्थिति सुधारी गई। Sliding Genioplasty तकनीक से ठुड्डी का आकार चेहरा संतुलित करने के लिए बदला गया। सर्जरी में नई विधि अपनाई गई, जिससे समय कम लगा और ऑपरेशन लगभग 5 घंटे में पूरा हुआ।

नया जीवन और क्षेत्र में नई उम्मीद

सर्जरी के बाद युवक का चेहरा पूरी तरह बदल गया। अब उसकी ठुड्डी स्पष्ट और सुंदर है, उसे खुलकर मुस्कुराने और चैन से सोने की सुविधा मिली है। डॉक्टरों ने बताया कि सही समय पर इलाज लेने से इस तरह की गंभीर समस्या टाली जा सकती थी। एम्स गोरखपुर के दंत विभाग की इस उपलब्धि ने न केवल युवक का जीवन बदला, बल्कि क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक से सर्जरी की संभावनाओं को भी नया आयाम दिया है।

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