Home UP News UP: 17 साल से बंद चीनी मिल को लेकर किसानों का आंदोलन...

UP: 17 साल से बंद चीनी मिल को लेकर किसानों का आंदोलन तेज, बोले- मिल चले बिना नहीं हटेंगे

मथुरा: छाता क्षेत्र में करीब 17 वर्षों से बंद पड़ी सहकारी चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। भूतपूर्व सैनिक परिषद के बैनर तले धरने पर बैठे किसानों और महिलाओं को पूर्व सूबेदार ललित कर्मयोगी ने हाथ आगे बढ़वाकर संकल्प दिलाया कि जब तक मिल चालू नहीं होती, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

कड़ी चेतावनी: मंच से बोलते हुए सूबेदार कर्मयोगी ने कहा कि चाहे सरकार मुकदमा (FIR) दर्ज करे, लाठीचार्ज करे या घरों पर बुलडोजर चला दे, किसान अब पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि 2 दिन पूर्व रात्रि ने भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल से टेंट तंबू उमध्य रात्रि में हटा दिए थे सभी आंदोलनकारियों को तीतर बितर कर दिया था उसके बाद बड़ी संख्या में किसान व स्थानीय ग्रामीणों ने एक्टर होकर नावबाजी की धरना दुबारा शुरू कर दिया गया

Advertisement

Also Read: ‘बाबा साहेब की प्रतिमाओं को खंडित करने का काम सपा…’, अंबेडकर प्रतिमाओं को लेकर अखिलेश के दावे पर ब्रजेश पाठक का पलटवार

एथेनॉल प्लांट का विरोध, चीनी मिल की मांग: किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा प्रस्तावित एथेनॉल प्लांट की जगह उन्हें मूल चीनी मिल का संचालन चाहिए, ताकि क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिले।

2027 चुनाव को लेकर अल्टीमेटम: आंदोलनकारियों ने राजनीतिक दलों को चेतावनी दी कि जब तक 17 साल का हिसाब नहीं दिया जाता और मिल चालू नहीं होती, तब तक आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में समर्थन की उम्मीद न रखी जाए।

प्रशासन द्वारा हाल ही में धरनास्थल खाली कराने के प्रयासों के बाद आसपास के दर्जनों गांवों से भारी संख्या में किसान और महिलाएं दोबारा छाता शुगर मिल परिसर में जुटने लगे हैं, जिससे इलाके में तनाव और हलचल बढ़ गई है|

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)