UP: बांदा में पेयजल संकट पर जल सत्याग्रह चौथे दिन भी जारी, NH-35 पर डटे ग्रामीण, नेताओं ने दिया समर्थन

UP: बूंद-बूंद पानी के संकट से जूझ रहे ग्रामीणों का सब्र अब जवाब देने लगा है। नदी टोला बदौसा, बरछा-ब और दुबरिया में पेयजल संकट को लेकर NH-35 किनारे चल रहा जल सत्याग्रह मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा। कड़ी धूप और लगातार इंतजार के बावजूद ग्रामीण धरना स्थल से नहीं हटे। इस दौरान राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों से जुड़े लोगों ने पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।

जानिए क्या है पूरा मामला?

जल सत्याग्रह स्थल पर जिला पंचायत बदौसा वार्ड के सदस्य एवं सपा नेता मंक द्विवेदी समर्थकों के साथ पहुंचे। उनके साथ पूर्व ब्लॉक प्रमुख सत्यनारायण सोनकर, नगर अध्यक्ष राजा भइया यादव, राकेश यादव, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष विजय यादव, ब्लॉक बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामजस निषाद, संयोजक संतोष कुशवाहा, सहसंयोजक शिवप्रसाद उर्फ शिवा और भाजपा अनुसूचित मोर्चा बांदा के जिला महामंत्री धर्मेंद्र खटीक समेत कई लोग मौजूद रहे। ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया। अध्यक्ष शिवसागर पाण्डेय,संरक्षक आनंद स्वरूप गौतम, उपाध्यक्ष हरिशंक दुवे,कार्यकारी अध्यक्ष रामस्वरूप पांडे समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। समर्थन में पहुंचे नेताओं ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विमल वर्मा से फोन पर बातचीत की और नदी टोला बदौसा,बरछा-ब तथा दुबरिया में जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल कराने की मांग की। आंदोलनकारियों के अनुसार, एक्सईएन ने जल्द व्यवस्था कराने का भरोसा दिया।वहीं ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष ने 48 घंटे के भीतर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग रखी।

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धरना स्थल पर नहीं पहुंचे अधिकारी, ग्रामीणों में नाराजगी

आंदोलनकारियों का आरोप है कि जल संस्थान के एक्सईएन ने पहले धरना स्थल पर आने की बात कही,लेकिन बाद में फोन पर यह कहते हुए आने से इनकार कर दिया कि “यह राजनीतिक मंच है।”इसको लेकर धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।ग्रामीणों का कहना है कि समस्या किसी राजनीतिक दल की नहीं,बल्कि पीने के पानी की है।

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