उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से बढ़ते संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार ने वीकेंड कोरोना कर्फ्यू लगाया है, लेकिन इस बीच राजधानी लखनऊ में शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन यूपी (Liquor seller welfare Association UP) ने लॉकडाउन और कर्प्यू के बावजूद शराब की दुकानें खोलने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है।
जानकारी के अनुसार, शराब कारोबारियों ने रोजाना 100 करोड़ से ज्यादा नुकसान होने का हवाला देकर दुकानें खोलने की परमिशन देने की अपील की है। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैया लाल मौर्या ने बताया कि शराब दुकानें नहीं खुलने से सैकड़ों लोग बेरोजगार हो रहे हैं। वहीं, प्रतिदिन 100 करोड़ का नुकसान हो रहा है।
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मौर्या के मुताबिक, प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले से करोना महामारी में घोषित कर्फ्यू से शराब की दुकानें बंद हैं। इसके साथ ही शराब की दुकानों के बंद होने से निर्धारित मासिक कोटा और लाइसेंस फीस की चिंता भी सता रही है।

वहीं, एसोसिएशन के महामंत्री ने कहा कि हालांकि, शराब की दुकानें बंद करने का शासनादेश में कोई उल्लेख नहीं किया गया है और ना ही आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा लाइसेंस धारकों को दुकान बंद करने का कोई आदेश मिला है। उन्होंने कहा कि इससे शराब लाइसेंस धारकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसीलिए पूरे प्रदेश से शराब कारोबारी दुकानें खोलने की मांग सरकार से कर रहे हैं।
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