UP: वाराणसी संसद भवन परिसर में राम मंदिर से जुड़े मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों द्वारा किए गए सांकेतिक प्रदर्शन का मामला अब वाराणसी तक पहुंच गया है। इस प्रकरण में काशी के संत समाज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
संत समाज का आरोप है कि संसद परिसर में किए गए प्रदर्शन के दौरान धार्मिक प्रतीकों और सनातन परंपराओं का अपमान किया गया, जिससे करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायत पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक दास की ओर से दी गई, जिसमें संबंधित सांसदों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान सांसद पप्पू यादव पुजारी के वेश में दानपेटी लेकर पहुंचे थे, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उसमें प्रतीकात्मक रूप से चंदा डाला। इसके बाद सांकेतिक रूप से चोरी पकड़े जाने का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें अवधेश प्रसाद समेत अन्य सांसदों ने भी भाग लिया। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया।
जगद्गुरु बालक दास ने बताया कि उन्होंने पहले डीसीपी काशी गौरव बंसवाल से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इसके बाद उनकी तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि संसद परिसर में जिस प्रकार धार्मिक वेशभूषा और प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया, उससे भगवान राम, संत समाज और भगवा परंपरा का अपमान हुआ है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने के कई तरीके हो सकते हैं, लेकिन किसी धर्म या उसकी आस्था से जुड़े प्रतीकों का इस प्रकार उपयोग उचित नहीं है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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