UP: डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन मिर्जापुर से जुड़े विवाद में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की एक सदस्यीय विशेष जांच समिति ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। समिति के अध्यक्ष, बार काउंसिल के सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष देवेन्द्र मिश्र नगरहा ने 19 सितंबर 2026 को जारी आदेश में छह अधिवक्ताओं को उनके पूर्व पदों पर तत्काल बहाल करने का निर्देश दिया है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
आदेश के अनुसार श्याम बिहारी तिवारी, सतीश कुमार सिंह, अवधेश कुमार द्विवेदी, दिलीप कुमार पाण्डेय, नीरज कुमार तिवारी समेत संबंधित पदाधिकारियों को उनके पूर्व पद पर बहाल करते हुए पद से जुड़े सभी अधिकार देने को कहा गया है। शिकायतकर्ताओं ने बार एसोसिएशन में मॉडल बायलॉज, संविधान के विपरीत कार्य करने, कोष के दुरुपयोग तथा अधिवक्ताओं के हितों के विपरीत कार्य किए जाने सहित कई आरोप लगाए थे। शिकायत में यह भी कहा गया था कि कार्यकारिणी के 13 सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफा दिया था, जिनमें से बाद में आठ सदस्यों का इस्तीफा वापस लिया गया। विशेष जांच समिति के समक्ष 13 अगस्त, 25 अगस्त और 19 सितंबर 2026 को सुनवाई की तिथियां निर्धारित की गई थीं।
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आदेश में कहा गया है कि विपक्षी पक्ष की ओर से इन तिथियों पर अपेक्षित सहयोग नहीं किया गया, जबकि शिकायतकर्ता उपस्थित रहे। बार काउंसिल ने डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, मंत्री को निर्देश दिया है कि बहाली के बाद इसकी सूचना बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को उपलब्ध कराई जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि आदेश का अनुपालन नहीं किया गया तो प्रकरण को अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 35 के तहत कार्रवाई के लिए संदर्भित किया जा सकता है। बार काउंसिल के सचिव ने 21 सितंबर 2026 को आदेश की प्रति संबंधित पक्षों को प्रेषित कर दी है।














