UP: आजमगढ़ मुबारकपुर थाना पुलिस ने फर्जी अभिलेखों के आधार पर मदरसे की मान्यता प्राप्त करने के मामले में वांछित दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों के खिलाफ कूटरचना, धोखाधड़ी और षड्यंत्र समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
पुलिस के मुताबिक, मदरसा जामिया नूरुल उलूम, मुबारकपुर की मान्यता से संबंधित मामले में 28 अगस्त 2026 को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कनिष्ठ/पोर्टल सहायक आमिर हुसैन ने प्रार्थना पत्र दिया था। जांच के दौरान सामने आया कि मदरसे की स्थायी मान्यता के लिए वर्ष 1998 में प्रस्तुत किए गए अभिलेखों में भूमि से संबंधित दानपत्र कूटरचित एवं फर्जी था।जांच में यह भी तथ्य सामने आया कि उक्त अभिलेख के आधार पर मदरसे को आलिया स्तर की स्थायी मान्यता प्राप्त हुई और बाद में मदरसे को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की ओर से मान्यता निलंबित करने के साथ संबंधित प्रबंध समिति एवं जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
इस मामले में थाना मुबारकपुर में मु0अ0सं0 348/2026 के तहत धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया था।पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर को उपनिरीक्षक प्रदीप मिश्र पुलिस बल के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मिली सूचना के आधार पर देवकली तारन मोड़ के पास घेराबंदी कर मुकदमे में वांछित मोहम्मद हामिद (54) और मोहम्मद आबिद (47) को करीब 2:30 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों मुहल्ला बरईपुर, थाना मुहम्मदाबाद, जनपद मऊ के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपितों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रदीप मिश्र समेत थाना मुबारकपुर के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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