महोबा में स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोकने वाले विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा- अगर जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री को भी रोकेंगे। बंधक बनाना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। ये मेरा व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनता और विकास से जुड़ा मुद्दा है। मैं अपनी बात सड़क पर रख रहा हूं, तो इसमें किसी को आपत्ति क्यों हो रही है। आप सब का आशीर्वाद था, तो मंत्री जी को रोका है। यह जनता की और विकास की बात है। मैं यह बात कमरे में क्यों करूं, सड़क पर क्यों नहीं कर सकता? अगर मैंने सड़क पर अपनी बात रखी तो कुछ लोगों को दिक्कत क्यों हो रही है। किसी ठेके, पट्टे या पदोन्नति की मांग नहीं कर रहे। बल्कि केवल क्षेत्र की समस्याएं उठा रहे हैं। ऐसे में मुझे गलत ठहराना उचित नहीं है। जब कांग्रेस की सरकार थी, तब की बात बताते हुए बृजभूषण सिंह ने कहा- उस समय जो अधिकारी काम नहीं करता था, उसे चूड़ियां और पेटीकोट पहनवा देते थे। बंधक बनाना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है।
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के 30 जनवरी को महोबा भ्रमण के दौरान काफिला रोकने वाले चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत के तेवर कम नहीं हो रहे हैं। एक कार्यक्रम के दौरान उनके भाषण के दो वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं। जिसमें वह कह रहे हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री को भी रोकेंगे। बंधक बनाना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। ये मेरा व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनता और विकास से जुड़ा मुद्दा है।
वायरल वीडियो में चरखारी विधायक कह रहे हैं कि मैं अपनी बात सड़क पर रख रहा हूं, तो इसमें किसी को आपत्ति क्यों हो रही है। आप सब का आशीर्वाद था, तो मंत्री जी को रोका है। यह जनता की और विकास की बात है। मैं यह बात कमरे में क्यों करूं, सड़क पर क्यों नहीं कर सकता। अगर मैंने सड़क पर अपनी बात रखी तो कुछ लोगों को दिक्कत क्यों हो रही है। किसी ठेके, पट्टे या पदोन्नति की मांग नहीं कर रहे बल्कि केवल क्षेत्र की समस्याएं उठा रहे हैं। ऐसे में मुझे गलत ठहराना उचित नहीं है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने क्या कहा
मंत्री से भिड़ने के मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा- भाजपा एक संगठन-आधारित पार्टी है। जहां जनहित के मुद्दों पर मतभिन्नता संभव है, लेकिन अनुशासन सर्वोपरि है। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के साथ मिलकर मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। दोनों नेताओं से बातचीत की जा रही है। उच्च स्तर पर इस मुद्दे को सुलझाने के प्रयास जारी हैं।
विधायक ने पुराने दौर का जिक्र किया
वायरल वीडियो में विधायक ने पुराने दौर का जिक्र करते हुए कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब जो अधिकारी काम नहीं करता था उसे “चूड़ियां पहनवा देते थे।”इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बंधक बनाना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है, क्योंकि वह पहले भी आंदोलनकारी रहे हैं।
विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपने पुराने आंदोलनकारी जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि विधायक बनने से पहले वह बुंदेलखंड अधिकार सेना चलाते थे। बाद में वह भाजपा के सदस्य बने और पार्टी अनुशासन में रहते हैं।उन्होंने यह दावा भी किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान उन्होंने झांसी के तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन के घर जाकर उन्हें बंधक बनाया था। विधायक के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय से पत्र आने के बाद ही मंत्री को छोड़ा गया था और बुंदेलखंड की समस्याओं को लेकर प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात का आश्वासन मिला था।
क्या था 30 जनवरी का मामला?
30 जनवरी को महोबा में भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बीच टकराव हो गया था। मंत्री एक कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी विधायक ने करीब 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया।बताया गया कि विधायक समर्थकों ने मंत्री के काफिले के सामने 30 कारें और 20 बाइकें खड़ी कर दी थीं। विधायक ने आरोप लगाया था कि उनकी विधानसभा क्षेत्र के 100 गांवों में पानी नहीं पहुंच रहा, साथ ही पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत भी नहीं कराई गई है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने मंत्री का काफिला रोका था।
INPUT-ANANYA MISHRA













































