गोरखपुर : परशुराम जयंती के पावन अवसर पर अखिल भारतीय परशुराम वाहिनी, गोरखपुर के तत्वावधान में आयोजित भव्य विचार गोष्ठी में सांसद रवि किशन शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्धजन, गणमान्य नागरिक, युवा कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण को लेकर उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके संघर्षों एवं आदर्शों पर अपने विचार व्यक्त किए।
अपने संबोधन में सांसद रवि किशन शुक्ला ने कहा कि भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं, जिन्होंने त्रेता युग में भृगुवंशी ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के घर वैशाख शुक्ल तृतीया (अक्षय तृतीया) के दिन अवतार लिया। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम शस्त्र और शास्त्र दोनों के अद्वितीय ज्ञाता थे तथा अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध खड़े होने वाले अमर (चिरंजीवी) योद्धा के रूप में आज भी समाज को प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ने अहंकार और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष करते हुए पृथ्वी को अत्याचारी शक्तियों से मुक्त कराया, जो उनके अदम्य साहस, पराक्रम और धर्मनिष्ठा का प्रतीक है। आज के समय में उनके आदर्शों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है, जिससे समाज में न्याय, समता और नैतिक मूल्यों की स्थापना हो सके।
सांसद ने आगे कहा कि वर्तमान समय में ब्राह्मण समाज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के विकास और सामाजिक समरसता में ब्राह्मण समाज का योगदान सदैव महत्वपूर्ण रहा है और आगे भी बना रहेगा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज में एकता, नैतिकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया। गोष्ठी के दौरान उपस्थित लोगों ने भगवान परशुराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
अंत में आयोजकों द्वारा अतिथियों का सम्मान किया गया तथा सभी का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ












































