फतेहपुर : जिले के सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के चौकी चौराहा स्थित एक साधारण चाय दुकान अब प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गई है। यहां के युवा चाय विक्रेता आर्यन को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया गया, जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, कुछ समय पूर्व अखिलेश यादव जब इस मार्ग से गुजर रहे थे, तब उन्होंने चौकी चौराहा स्थित आर्यन की दुकान पर रुककर चाय पी थी। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक हलचल बढ़ गई। आर्यन का आरोप है कि चाय पीने की घटना के बाद खाद्य विभाग और अन्य अधिकारियों ने उसकी दुकान पर पहुंचकर बर्तनों की जांच की, चाय पत्ती के सैंपल लिए और लगातार दबाव बनाया।
आर्यन ने यह भी दावा किया कि प्रशासनिक दबाव के चलते उसकी दुकान बंद करा दी गई, जिससे उसके सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया।
वहीं लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने आर्यन को पीतल का चायदान भेंट कर सम्मानित किया और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “कौन समझाए इन लोगों को,” इशारा स्पष्ट रूप से प्रशासनिक कार्रवाई की ओर था।
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग ले लिया है। विपक्ष इसे आम नागरिकों के उत्पीड़न का मामला बता रहा है, जबकि प्रशासनिक पक्ष की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज है। एक ओर जहां आर्यन को सहानुभूति मिल रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।












































