विनोद कांबली की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता : दिमाग में ब्लड क्लॉट से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा, याददाश्त प्रभावित

पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर क्रिकेट जगत में चिंता व्यक्त की जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके दिमाग में ब्लड क्लॉट (थक्का) जमने के कारण ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बना हुआ है और उनकी याददाश्त काफी कमजोर हो गई है। आर्थिक तंगी के चलते इलाज में रुकावट आई थी, जिसके बाद उनके बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर सहित कई पूर्व और वर्तमान क्रिकेटरों ने मिलकर उनके इलाज और आर्थिक सहायता की जिम्मेदारी उठाई है।

विनोद कांबली की वर्तमान स्थिति

54 वर्षीय विनोद कांबली फिलहाल चल-फिर सकते हैं, लेकिन उनकी याददाश्त बहुत कमजोर हो चुकी है। वे घटनाओं को केवल टुकड़ों-टुकड़ों में याद कर पाते हैं। उन्होंने शराब छोड़ दी है, लेकिन याददाश्त की कमी के कारण कभी-कभी सिगरेट पी लेते हैं, जिससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा और बढ़ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि दिमाग में जमा क्लॉट को सर्जरी से निकाला नहीं जा सकता क्योंकि शुरुआत में सावधानी नहीं बरती गई।

Also Read : Asian Champions Trophy 2023: एशियाई महिला चैंपियंस ट्रॉफी के लिए घोषित भारतीय टीम से बाहर हुईं सुशीला चानू

सचिन तेंदुलकर और क्रिकेटरों की मदद

कांबली के करीबी दोस्त मार्कस काउटो ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है, जिसमें मुख्य रूप से क्रिकेटर शामिल हैं। इस ग्रुप के जरिए पूर्व क्रिकेटर चुपचाप आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं। सचिन तेंदुलकर भी इस ग्रुप का हिस्सा हैं और अपने बचपन के दोस्त की मदद कर रहे हैं। इससे पहले भी सचिन, सुनील गावस्कर और कपिल देव जैसे दिग्गज कांबली की मदद कर चुके हैं।

इलाज और रिकवरी

कांबली की हालत पिछले कुछ महीनों से स्थिर बताई जा रही है, लेकिन वे पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं। डॉक्टर उनकी स्थिति को स्थिर रखने और स्ट्रोक को रोकने के लिए नियमित दवाइयों और देखभाल पर जोर दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने एक विज्ञापन शूट भी किया, जिसमें वे अच्छी स्पिरिट्स में नजर आए।

Also Read : बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री मोहसिन रजा का BCCI से बड़ा अनुरोध — उत्तर प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी में चार टीमें बनाने की मांग


पत्नी आंद्रिया का बयान

कांबली की पत्नी आंद्रिया हेविट ने कुछ रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए कहा है कि “भगवान की कृपा से विनोद ठीक हैं। मैं नहीं जानती कि उनकी सेहत के बारे में गलत जानकारी कौन फैला रहा है।” उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर नहीं है जितनी कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताई जा रही है।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)