Azamgarh: कोतवाली पुलिस ने पुत्र प्राप्ति का झांसा देकर महिला से टप्पेबाजी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की घटना से संबंधित तीन हजार रुपये नकद, एक जोड़ी सफेद धातु की पायल और महिला का पर्स बरामद किया है। वहीं, चंदौली पुलिस से समन्वय कर ठगी के आभूषण खरीदने वाले एक सोनार को भी गिरफ्तार किया गया है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 19 अगस्त 2026 को रानी की सराय थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला बिलरिया की चुंगी स्थित सोनोग्राफी सेंटर से सोनोग्राफी कराने के बाद चाय पीने के लिए तिराहे की तरफ जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में दो अज्ञात लोगों ने महिला को बातचीत में उलझा लिया। आरोप है कि दोनों ने पूजा-पाठ और पुत्र प्राप्ति जैसी बातें बताकर महिला को अपने विश्वास में लिया और बहला-फुसलाकर उसके कानों के सोने के झाले, गले का लॉकेट और पर्स में रखे पांच हजार रुपये निकलवा लिए और मौके से फरार हो गए।
महिला की शिकायत पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान की और 28 अगस्त 2026 को रोडवेज बंधा के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा निवासी असलम खां, अरशद वारसी और इरफान अली के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि महिला के सोने के झाले और गले का मंगलसूत्र चंदौली के दुल्हीपुर स्थित एक ज्वैलर्स की दुकान पर 58 हजार रुपये में बेचा गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने यह भी बताया कि आभूषण को दुकान पर ही गला दिया गया था। इसके अलावा महिला के पर्स में रखे रुपये निकालने के बाद चांदी की पायल को पर्स सहित झाड़ियों में छिपा दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तीन हजार रुपये नकद, पायल और पर्स बरामद किया। वहीं, आजमगढ़ पुलिस ने चंदौली पुलिस से समन्वय स्थापित कर कथित तौर पर चोरी का सामान खरीदने वाले सोनार सुरेश सेठ को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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