अंतरिम राहत मिली तो विवेचक के सामने पहुंचे आरोपी हेड मुहर्रिर राधेश्याम 

संतकबीरनगर। खलीलाबाद कोतवाली के मालखाने से 427 ग्राम गला हुआ सोना, 49,518 रुपये नकद और 14 नेपाली नोट गायब होने के मामले में शुक्रवार को आरोपित तत्कालीन हेड मुहर्रिर राधेश्याम गुप्ता ने विवेचक के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। हाईकोर्ट से अंतरिम अग्रिम जमानत मिलने के बाद वह खलीलाबाद कोतवाली पहुंचे और विवेचक व प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दूबे के समक्ष बयान दर्ज कराने की कार्रवाई पूरी की। उन्होंने अपना बयान लिखित शपथ पत्र पर पुलिस को सौंपा है । तत्कालीन हेड मोहर्रिर राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें पांच अक्तूबर तक अंतरिम अग्रिम जमानत दी है। इससे पहले 23 सितंबर को भी वह कोतवाली खलीलाबाद में पहुंचे थे, लेकिन विवेचक से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी थी। इसलिए, शुक्रवार को दोबारा कोतवाली पहुंचने पर उन्होंने विवेचक के समक्ष अपना पक्ष रखा और प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दूबे के समक्ष भी लिखित शपथ पत्र पर बयान दर्ज कराया। हेड मोहर्रिर राधेश्याम गुप्ता का कहना है कि मालखाने से गायब बताया जा रहा सोना और अन्य सामान उन्हें चार्ज में उनसे पहले मालिकाना के हेड मोहर्रिर से मिला ही नहीं था। विवेचना के दौरान पुलिस ने उनके बयान दर्ज किए हैं। कोतवाल जयप्रकाश दूबे ने बताया कि हेड मोहर्रिर राधेश्याम गुप्ता के लिखित शपथ पत्र पर दिए गए बयान को दर्ज कर लिया गया है। इसे मुकदमे में शामिल किया जाएगा। अभी विवेचना जारी है।

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हेड मोहर्रिर मामले में 05 अक्तूबर को होगी अगली सुनवाई

न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ल की कोर्ट में हेड मोहर्रिर राधेश्याम गुप्ता की ओर से दाखिल क्रिमिनल मिसलेनियस एंटीसिपेटरी बेल एप्लीकेशन पर सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता ने आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय मांगा। इस पर न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए पांच अक्तूबर को दोपहर दो बजे का समय निर्धारित किया है। हालांकि, हाईकोर्ट ने अंतरिम अग्रिम जमानत के साथ कई शर्तें भी लगाई हैं। जबकि, पुलिस अधिकारी के बुलाने पर पूछताछ के लिए उपलब्ध रहना होगा। मामले से जुड़े किसी व्यक्ति को प्रलोभन, धमकी या आश्वासन देकर न्यायालय अथवा पुलिस के समक्ष तथ्य बताने से रोकने का प्रयास नहीं किया जा सकेगा। अभियोजन के गवाहों को प्रभावित या धमकाने पर भी रोक रहेगी। जबकि, न्यायालय की अनुमति के बिना भारत से बाहर जाने पर पाबंदी लगाई गई है। शर्तों के उल्लंघन पर अभियोजन पक्ष जमानत निरस्त कराने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दे सकता है।

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सोना अवमुक्त कराने की अर्जी के बाद सामने आया मामला

वर्ष 2018 के जालसाजी के मुकदमे में पुलिस ने 427 ग्राम गला हुआ सोना, 49,518 रुपये और 14 नेपाली नोट बरामद किए थे। बरामद माल को मालखाना रजिस्टर में दर्ज किया गया था। मुकदमे में सोना अवमुक्त कराने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद पुलिस से आख्या मांगी गई। वर्तमान हेड मुहर्रिर गोविंद शरण ने मालखाना रजिस्टर, चार्ज सूची और अन्य अभिलेखों का मिलान किया। अभिलेखों में माल जमा दर्ज मिला, लेकिन मालखाने में वह मौजूद नहीं था। इसके बाद पूर्व में तैनात हेड मोहर्रिरों से पूछताछ की गई। अपने बयान में विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि उनके बाद तैनात राधेश्याम गुप्ता को बरामद माल विधिवत सुपुर्द किया गया था। वहीं बाद में तैनात हेड मुहर्रिर मारकंडेय सिंह ने संबंधित माल उनके चार्ज में न मिलने की बात बताई।