UP: घाघरा का जलस्तर बढ़ा, तपेशिपाह गांव में घुसा बाढ़ का पानी, स्कूल के चारों ओर भी जलभराव

बाराबंकी: घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच सोमवार रात तपेशिपाह गांव में बाढ़ का पानी पहुंच गया। पानी घरों तक पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आसाराम यादव, परशुराम यादव, यशवंत यादव, पारसनाथ, बृजेश और राम सुरेश सहित करीब पांच घर बाढ़ के पानी से प्रभावित बताए जा रहे हैं। गांव में पानी पहुंचने के बाद ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि तपेशिपाह गांव में पिछले करीब 20 वर्षों से लगातार बाढ़ का पानी पहुंचता रहा है। इसके बावजूद बाढ़ से स्थायी बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से उन्हें राहत सामग्री भी वितरित नहीं की गई है। उनका कहना है कि बाढ़ के समय प्रशासनिक स्तर पर नियमित निगरानी और राहत की जरूरत होती है, लेकिन ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

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इसी गांव में घाघरा नदी के किनारे प्राथमिक विद्यालय भी स्थित है। बाढ़ का पानी विद्यालय के आगे और पीछे तक पहुंच गया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य राम सागर ने बताया कि हर वर्ष बाढ़ के दौरान स्कूल के सामने पानी भर जाता है। ऐसी स्थिति में बच्चों को कभी सड़क पर बैठाकर तो कभी झोपड़ी में पढ़ाई करानी पड़ती है। नदी के किनारे विद्यालय होने के कारण छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है।

प्रधानाचार्य के अनुसार विद्यालय में कुल 99 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें करीब 79 बच्चे नियमित रूप से विद्यालय आते हैं। बाढ़ के दौरान बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें ऊंचे स्थान पर पढ़ाया जाता है। विद्यालय में मध्यान्ह भोजन भी बनवाया जाता है और शिक्षक बच्चों की लगातार निगरानी करते हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित परिवारों का मौके पर निरीक्षण कराकर राहत सामग्री उपलब्ध कराने तथा विद्यालय और गांव को बाढ़ के पानी से बचाने के लिए स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

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