मिर्जापुर: सरकारी आवास का मकसद गरीब परिवारों को छत और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन चुनार के खोवा मंडी, दुर्गाजी रोड स्थित काशीराम आवास में रहने वाले करीब 50 परिवार इन दिनों अंधेरे और पानी के संकट से जूझ रहे हैं। बिजली कटने के बाद यहां रहने वाले परिवारों के सामने पीने के पानी से लेकर रोजमर्रा के कामकाज तक की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। परेशान आवासीयों ने जिलाधिकारी से समस्या का स्थायी समाधान कराने की गुहार लगाई है।
प्रार्थना पत्र के माध्यम से कांशीराम आवास के निवासियों ने बताया कि आवासीय परिसर में बिजली और पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। आरोप है कि लगभग चार-पांच महीने के अंतराल पर बिजली विभाग द्वारा आवास की बिजली काट दी जाती है। बिजली गुल होते ही पानी की व्यवस्था भी प्रभावित हो जाती है। ऐसे में गरीब परिवारों को न सिर्फ अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ता है, बल्कि पानी के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ता है।
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आवासीयों के मुताबिक, 26 सितंबर 2026 को एक बार फिर बिजली विभाग द्वारा परिसर की बिजली काट दी गई, जिसके बाद समस्या और गंभीर हो गई है। यहां रहने वाले करीब 50 परिवार छोटे-मोटे कामकाज और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका कहना है कि सीमित आमदनी में किसी तरह घर का खर्च चलाने वाले परिवारों के लिए बार-बार बिजली कटने की समस्या अतिरिक्त परेशानी बन जाती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली न होने से पानी की आपूर्ति प्रभावित होने के साथ बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो रही है। महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आवासीयों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाए और काशीराम आवास की बिजली एवं पानी की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। अब देखना यह है कि शिकायत के बाद प्रशासन की नजर इस आवासीय परिसर पर कब पड़ती है।














