बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में भारतीय जनता पार्टी के भीतर उपजे विवाद ने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। भाजपा की जिला कार्यसमिति की एक महिला सदस्य ने पार्टी के जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा और उनके करीबियों पर दुष्कर्म, मानसिक, आर्थिक व शारीरिक शोषण तथा अश्लील वीडियो वायरल करने के बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने कैमरे के सामने आकर न्याय की गुहार लगाई है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा शीर्ष नेतृत्व से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सोशल मीडिया पर पीड़िता का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला कार्यकर्ता ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने पार्टी दफ्तर को शोषण का अड्डा बना रखा है। महिला का कहना है कि वे पार्टी की कार्यकर्ता होने के नाते कार्यालय आती-जाती थीं। इसी दौरान उनके साथ मानसिक, शारीरिक और आर्थिक शोषण किया गया। नेत्री का आरोप है कि जिलाध्यक्ष और उनके सहयोगियों ने पहले उनका आपत्तिजनक वीडियो बनाया। इसके बाद वीडियो के जरिए लगातार ब्लैकमेल और डरा-धमकाकर उनके साथ दुष्कर्म किया गया।
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पीड़िता के अनुसार, जब बर्दाश्त से बाहर हो गया और उन्होंने विरोध किया, तो आरोपियों ने उनका वीडियो वायरल कर दिया। महिला ने इस मामले में जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा के अलावा आलोक सिंह मोनू, गणेश गुप्ता और अजीत मिश्रा चंदन को नामजद किया है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आलोक सिंह मोनू जिलाध्यक्ष का संरक्षक बनकर अधिकारियों से अवैध वसूली का काम देखता है।
पीड़िता ने पुलिस पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि वे मुकदमा दर्ज कराने के लिए 15 दिनों तक कोतवाली दौड़ीं, लेकिन रसूख के चलते एफआईआर नहीं लिखी गई। बाद में उच्चाधिकारियों से गुहार के बाद मामला दर्ज हुआ, पर पुलिस ने जिलाध्यक्ष का नाम निकालकर बाकी पर हल्की धाराएं लगा दीं। पीड़िता ने शपथ पत्र देकर न्याय व सख्त कार्रवाई की मांग की है।









