सोशल मीडिया के इस दौर में हर कोई आसानी से इसकी मदद से एक दूसरे से कनेक्ट रहता है। पर कई बार ऐसा होता है कि यही सोशल मीडिया अफवाहों का बाजार गर्म करके दंगा भड़काने में भी इस्तेमाल होता है। जिसके चलते अब यूपी पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी नजर रखनी शुरू कर दी है। दरअसल, यूपी पुलिस ने सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए डिजिटल पेट्रोलिंग की शुरुआत की है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि हाल ही में कई ऐसे मामले आए जिनमे सोशल मीडिया से ही दंगा भड़काया गया था।
आरोपियों ने किया था इस्तेमाल
जानकारी के मुताबिक, हाल ही में हुए दंगों में आरोपियों ने अपने मैसेज पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का ही इस्तेमाल किया था। जिसको देखते हुए अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हर मैसेज पर यूपी पुलिस नजर रखने लगी है। वॉट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टेलीग्राम हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुलिस ने निगरानी शुरू कर दी है।
इसके लिए जिले के कप्तान से लेकर आईजी रेंज और एडीजी जोन की सोशल मीडिया टीम एक्टिव मोड में है। ज्ञानवापी, जुमे के दिन हिंसा और अग्निपथ योजना के खिलाफ प्रदर्शन में आगजनी की घटनाओं के बाद पुलिस ने इसे और सघन कर दिया है। ताकि आगे आने वाले समय में इस तरह की घटनाएं न हो सकें।
काफी एक्टिव है सोशल मीडिया सेल
बता दें कि किसी भी घटना की शिकायत दर्ज कराने के लिए ट्विटर बड़ा प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। ऐसे में हर जिले की पुलिस का टि्वटर अकाउंट एक्टिव है जिसकी मॉनिटरिंग खुद एसपी करते हैं। इस पर डीजीपी मुख्यालय से भी नजर रखी जा रही है और प्रदेश में करीब 500 पुलिसकर्मी इसके लिए तैनात किए गए हैं। डीजीपी मुख्यालय पर ही 50 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। ताकि हर एक ट्वीट पर नजर रखी जा सके।
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