ग्रेटर नोएडा में 27 वर्षीय इंजीनियर युवराज मेहता (Yuvraj Mehta) की मौत अब केवल एक सड़क हादसा नहीं , बल्कि इसे प्रशासनिक लापरवाही और कमजोर सुरक्षा व्यवस्थाओं का परिणाम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर संज्ञान लिया और नोएडा के सीईओ लोकेश एम को पद से हटा दिया। साथ ही, उन्होंने एसआईटी गठित करने और पांच दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। वहीं, इस घटना को लेकर अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भी भड़क उठे हैं।
राहुल गांधी का सरकार पर हमला
Roads kill
Bridges kill
Fires kill
Water kills
Pollution kills
Corruption kills
Indifference killsIndia’s urban collapse isn’t about lack of money, technology, or solutions.
It’s about lack of accountability.
TINA : There Is No Accountability. pic.twitter.com/68d1JgNw5z
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 20, 2026
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले पर ट्वीट कर केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि ‘सड़कें जान ले रही हैं, पुल जान ले रहे हैं, आग जान ले रही है, प्रदूषण जान ले रहा है, भ्रष्टाचार मार रहा है, उदासीनता मार रही है।’ राहुल ने कहा कि भारत के शहरी क्षेत्रों में समस्याओं का कारण धन या तकनीकी की कमी नहीं, बल्कि जवाबदेही का अभाव है। उन्होंने इसे TINA: ‘There Is No Accountability’ के रूप में भी व्यंग्यपूर्ण तरीके से पेश किया।
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जीएनआईडीए ने उठाए सुरक्षा कदम
हादसे के तुरंत बाद ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीएनआईडीए) ने सड़क सुरक्षा में सुधार के आदेश जारी किए। CEO एन जी रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी सड़कों पर या उसके आसपास के गड्डों की पहचान करें और उन्हें तुरंत भरें। साथ ही, दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित करने और दिशासूचक संकेत, रिफ्लेक्टर और अवरोधक तीन दिनों के भीतर स्थापित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक और सुधारात्मक कार्रवाई
जीएनआईडीए ने अतिरिक्त सीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, महाप्रबंधक सुमित यादव और सभी क्षेत्राधिकारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की। इसमें सभी सहायक प्रबंधकों, प्रबंधकों और वरिष्ठ प्रबंधकों को अपने-अपने क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने और खतरनाक स्थानों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक उपाय लागू करने का निर्देश दिया गया। राज्यव्यापी सड़क सुरक्षा अभियान की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई, जिससे भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास किया जा सके।














































