अखिलेश यादव का बयान: बीजेपी को तो शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में गिर के माफी मांगनी चाहिए

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्रा की पुण्यतिथि पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश ने भाजपा को अधर्म के रास्ते पर चलने वाली बताते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान का मुद्दा उठाया और नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत पर सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और पूंजीवाद के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई। शिवपाल यादव भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए और संतों के अपमान की निंदा की। यह बयान 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

समाजवादी आंदोलन को मजबूत करने का संकल्प

अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्रा को याद करते हुए कहा कि समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने का आज हम लोग संकल्प लेते हैं। उन्होंने जनेश्वर मिश्रा, डॉ. राम मनोहर लोहिया, नेताजी मुलायम सिंह यादव और बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के आदर्शों को आगे बढ़ाने की बात की। अखिलेश ने जोर देकर कहा कि जब पूंजीवादी ताकतें हावी होंगी, तो समाजवादियों की चिंता होगी कि इन महान नेताओं के विचारों को कैसे संरक्षित और प्रचारित किया जाए। उन्होंने सपा को PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की लड़ाई आगे बढ़ाने वाली पार्टी बताया और भाजपा को पूंजीवाद और सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वाली करार दिया।

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भाजपा पर अधर्म का आरोप

सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार को अधर्म के रास्ते पर चलने वाली बताते हुए तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अधर्म के रास्ते पर चल रही है। खासतौर पर प्रयागराज के माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान करने से रोके जाने की घटना का जिक्र किया। अखिलेश ने कहा कि किसी भी साधु-संत का अपमान होगा और कोई भी सरकार करेगी तो उसके खिलाफ खड़े होंगे। उन्होंने सभी सनातनियों से एकजुट होने की अपील की और कहा कि शंकराचार्य का सम्मान बचाकर सरकार को आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अगर बाटी चोखा खाया तो प्रतिमा की तरह खड़ा होना पड़ेगा। आगे कहा कि उन्हें तो चरणों में लोटकर माफी मांगनी चाहिए क्योंकि जिस सरकार के वो डिप्टी सीएम हैं, उन्हें कई बार डपट पड़ जाती है।

नोएडा इंजीनियर मौत पर सरकार की लापरवाही का आरोप

अखिलेश यादव ने नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले को उठाते हुए योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि घटना होने के बाद सरकार के तमाम विभाग उसकी जान क्यों नहीं बचा पाएं। सुनने में आ रहा है कि ठंडा पानी होने के कारण कोई जान बचाने नहीं आया। अखिलेश ने स्पष्ट कहा कि सरकार की लापरवाही की वजह से उस इंजीनियर की जान गई है। बता दें कि 16 जनवरी की रात युवराज की कार घने कोहरे में निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में गिर गई थी, जहां पानी भरा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है और फेफड़ों में 1-2 लीटर पानी पाया गया। युवराज ने करीब दो घंटे तक संघर्ष किया, लेकिन बचाव टीम की देरी और ठंडे पानी के कारण कोई मदद नहीं पहुंची। इस मामले में SIT जांच चल रही है, लेकिन परिवार और विपक्ष सरकार की उदासीनता पर सवाल उठा रहे हैं।

सामाजिक प्रतिक्रिया और राजनीतिक मायने

अखिलेश के इस बयान पर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। भाजपा ने इसे विपक्ष की नकारात्मक राजनीति बताया, जबकि सपा कार्यकर्ताओं ने इसे सरकार की विफलताओं का खुलासा माना। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थकों ने अखिलेश के स्टैंड की सराहना की। जनेश्वर मिश्रा पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान 2027 चुनाव से पहले धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर सपा की स्थिति मजबूत करने की कोशिश है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं आएंगी, लेकिन फिलहाल यह भाजपा सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।

INPUT-MUKESH KUMAR

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