उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) भाजपा (BJP) में नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी (Pankaj Chaudhary)
के नेतृत्व में संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाल ही में उन्होंने लखनऊ में संगठन के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें संगठन मजबूती, विभिन्न मोर्चों-प्रकोष्ठों की भूमिका और आगामी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के हवाले से खबर है कि ‘टीम पंकज’ (प्रदेश कार्यकारिणी और अन्य संगठनात्मक टीम) का ऐलान महाशिवरात्रि (फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह) तक हो सकता है। फिलहाल टीम गठन पर शोध और विचार-विमर्श जारी है, और अंतिम मुहर दिल्ली (केंद्रीय नेतृत्व) में लगेगी। यह कदम 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन को नई ऊर्जा देने की दिशा में बड़ा है।
बैठक का विवरण और चर्चा के मुद्दे
पंकज चौधरी ने हाल ही में लखनऊ में भाजपा पदाधिकारियों, मोर्चों और प्रकोष्ठों के प्रमुखों के साथ बैठक की। बैठक में संगठन के विभिन्न विषयों जैसे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, SIR (विशेष गहन संशोधन) अभियान में सहयोग, जातीय बैठकों पर सख्ती और आगामी पंचायत चुनावों की रणनीति पर फोकस रहा। संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह भी मौजूद रहे। चौधरी ने स्पष्ट किया कि पार्टी सभी को साथ लेकर चलेगी, और जातीय आधार पर अलग बैठकों को पार्टी विरोधी माना जाएगा। यह बैठक उनके अध्यक्ष बनने के बाद संगठन को मजबूत करने की पहली बड़ी कवायद थी, जिसमें उन्होंने सभी क्षेत्रों का दौरा करने का संकल्प दोहराया।
‘टीम पंकज’ ऐलान की संभावना और टाइमलाइन
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम (प्रदेश महामंत्री, उपाध्यक्ष, प्रवक्ता, जिला स्तर के पदाधिकारी आदि) का गठन जल्द होने वाला है। शिवरात्रि (फरवरी अंत) तक ऐलान की मजबूत संभावना है, क्योंकि महाशिवरात्रि के बाद पार्टी पूरी तरह चुनावी मोड में आ जाएगी। टीम गठन पर शोध जारी है—विभिन्न जिलों, जातीय समीकरण, महिला-युवा प्रतिनिधित्व और प्रदर्शन के आधार पर नामों का चयन हो रहा है। अंतिम निर्णय दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व (अमित शाह, जेपी नड्डा आदि) की मुहर से लगेगा। यह टीम 2027 विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी को नई दिशा देगी, खासकर कुर्मी और OBC वोट बैंक को मजबूत करने में।
पंकज चौधरी की सक्रियता और संगठन में बदलाव
दिसंबर 2025 में प्रदेश अध्यक्ष बने पंकज चौधरी (कुर्मी चेहरा, 7 बार के सांसद और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री) ने तेजी से संगठन को एक्टिवेट किया है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों (अवध, काशी, कानपुर आदि) का दौरा किया, बैठकें कीं और कार्यकर्ताओं को एकजुट किया। हाल ही में अयोध्या, वाराणसी और अन्य जगहों पर दर्शन-बैठकें कीं। उन्होंने SIR अभियान में संगठन की भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा कि ड्राइविंग सीट सरकार की है, संगठन सहयोगी है। ब्राह्मण विधायकों की अलग बैठक पर भी फटकार लगाई, जो पार्टी में जातीय एकता का संदेश देता है। X पर #TeamPankaj और #PankajChaudhary ट्रेंड कर रहा है, जहां कार्यकर्ता उत्साहित हैं।
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राजनीतिक महत्व और आगामी चुनौतियां
यह टीम गठन 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का हिस्सा है, जहां भाजपा योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में फिर सरकार बनाने का दावा कर रही है। पंकज चौधरी की कुर्मी पृष्ठभूमि से OBC समीकरण मजबूत होगा, और संगठन को नई टीम से जमीनी स्तर पर बूस्ट मिलेगा। हालांकि, जातीय संतुलन, SIR विवाद और विपक्ष (सपा-कांग्रेस) के हमलों से चुनौतियां हैं। यदि शिवरात्रि तक ऐलान होता है, तो पार्टी चुनावी रणनीति पर फोकस कर सकेगी।













































