Noida Authority CEO IAS Krishna Karunesh: उत्तर प्रदेश प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत IAS अधिकारी कृष्णा करुणेश को नोएडा अथॉरिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वर्तमान में वे नोएडा अथॉरिटी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) के पद पर कार्यरत हैं। यह फैसला हाल ही में नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) से जुड़े एक विवाद के बाद लिया गया, जिसमें NMRC के पूर्व कार्यकारी निदेशक महेंद्र प्रसाद को हटाया गया था। कृष्णा करुणेश 2011 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने जुलाई 2025 में गोरखपुर के जिलाधिकारी पद से हटकर ACEO नोएडा अथॉरिटी का पदभार संभाला था। यह अतिरिक्त प्रभार प्रशासनिक सुचारूता बनाए रखने और महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से दिया गया है।
नोएडा अथॉरिटी में हालिया प्रशासनिक फेरबदल के तहत IAS कृष्णा करुणेश को CEO नोएडा अथॉरिटी का अतिरिक्त प्रभार मिला है। यह विकास जनवरी 2026 में सामने आया, जब NMRC के कार्यकारी निदेशक महेंद्र प्रसाद को 2026 कैलेंडर विवाद के कारण पद से हटा दिया गया। कैलेंडर में उनकी तस्वीरों के प्रमुखता से छपने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद नोएडा अथॉरिटी ने उन्हें हटाकर कृष्णा करुणेश को NMRC के कार्यकारी निदेशक का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा था, लेकिन अब CEO नोएडा अथॉरिटी का अतिरिक्त दायित्व भी उन पर आ गया है।
कृष्णा करुणेश वर्तमान में नोएडा अथॉरिटी के ACEO हैं, जहां वे विभिन्न विकास परियोजनाओं, अतिक्रमण हटाने और प्रशासनिक कार्यों की देखरेख कर रहे हैं। नोएडा अथॉरिटी की आधिकारिक वेबसाइट और विभिन्न सरकारी सूत्रों के अनुसार, CEO का पद डॉ. लोकेश एम. आईएएस के पास था, लेकिन हाल के बदलावों में अतिरिक्त प्रभार कृष्णा करुणेश को दिया गया है ताकि संगठन में कोई रुकावट न आए।
यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों को एक से अधिक महत्वपूर्ण पदों का अतिरिक्त प्रभार देकर कुशल प्रशासन सुनिश्चित किया जाता है। कृष्णा करुणेश ने गोरखपुर DM के रूप में कार्यकाल के दौरान कई सराहनीय कार्य किए थे, जिसमें बड़े MoU साइन करना और विकास कार्य शामिल हैं। नोएडा अथॉरिटी जैसे महत्वपूर्ण संगठन में उनका अतिरिक्त प्रभार क्षेत्र की इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और मेट्रो जैसी परियोजनाओं को नई गति देने की उम्मीद जगाता है।
पुलिस और प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह अंतरिम व्यवस्था हो सकती है, और स्थायी CEO की नियुक्ति जल्द हो सकती है। फिलहाल, कृष्णा करुणेश दोनों महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभाल रहे हैं। यह बदलाव नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में विकास और शासन की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जहां भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई और तेज निर्णय लेने की जरूरत बनी हुई है।













































