अविमुक्तेश्वरानंद में काफी अहंकार भरा हुआ है, ममता कुलकर्णी ने आखिर क्यों कही ये बात,जानें इसके पीछे की वजह

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहा माघ मेला इन दिनों आस्था के साथ-साथ बयानों के तीखे बाणों का भी केंद्र बना हुआ है। साधु-संतों के बीच चल रही खींचतान में अब किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर और पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने भी एंट्री मार ली है। लंबे समय से सार्वजनिक मंचों से दूर ममता ने इस बार माघ मेले में न आने की वजह बताई और साथ ही शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद पर बेहद तीखा हमला बोला है।

ममता कुलकर्णी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर क्या बोली

पूर्व एक्ट्रेस और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी (यामाई ममता नंद गिरि) शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद में कूद पड़ी हैं। उन्होंने दो सवाल पूछे। पहला- उन्हें शंकराचार्य किसने नियुक्त किया। दूसरा- करोड़ों की भीड़ में रथ (पालकी) लेकर निकलने की क्या जरूरत थी? ममता कुलकर्णी ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरांनद की वजह से ही उनके शिष्यों को पिटाई झेलनी पड़ी। अगर स्नान करना ही था तो पालकी से उतरकर पैदल जाकर स्नान किया जा सकता था। गुरु होने का अर्थ जिम्मेदारी से भरा आचरण होता है न कि ऐसी जिद, जिसकी कीमत शिष्यों को चुकानी पड़े।

अविमुक्तेश्वरानंद में काफी अहंकार

ममता कुलकर्णी ने कहा- राजा हो या रंक, सभी को कानून का पालन करना होता है और किसी को अहंकार नहीं करना चाहिए। केवल चार वेद कंठस्थ कर लेने से कोई शंकराचार्य नहीं बन जाता है। उनमें (अविमुक्तेश्वरानंद) काफी अहंकार है और आत्मज्ञान शून्य है।

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अखिलेश यादव को लेकर क्या बोली ममता कुलकर्णी

सपा मुखिया अखिलेश यादव पर सवाल उठाते हुए ममता कुलकर्णी ने पूछा- क्या वे गोहत्या रोकने का वचन दे सकते हैं। जिस गोहत्या को रोकने की बात की जा रही है, क्या उस पर अखिलेश यादव कोई ठोस आश्वासन देंगे? ममता ने ऋग्वेद में ऋषि कुणाल और श्वेतकेतु के संवाद का हवाला दिया और कहा कि धर्म को राजनीति से दूर रखना चाहिए।

माघ मेले में क्यों नहीं गई ममता कुलकर्णी

ममता कुलकर्णी ने अपनी अनुपस्थिति पर सफाई देते हुए कहा कि वह अब एक फिल्मी सितारा नहीं, बल्कि एक तपस्विनी हैं। उन्होंने बताया, “मेरा जीवन पिछले 25 वर्षों से पूरी तरह साधना को समर्पित है। मैं रोजाना गंगाजल से स्नान के बाद ही अपनी पूजा शुरू करती हूं। फिलहाल गुप्त नवरात्र चल रहे हैं और इस दौरान मैं कहीं बाहर नहीं जाती। साधना के इसी कड़े नियम के कारण मैं इस साल माघ मेले में शामिल नहीं हो सकी।

INPUT-ANANYA MISHRA

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