महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और NCP (अजित पवार गुट) के प्रमुख अजित पवार का गुरुवार को बारामती के काटेवाड़ी स्थित विद्या प्रतिष्ठान मैदान में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके दोनों बेटों पार्थ पवार और जय पवार ने मुखाग्नि दी, जबकि पत्नी सुनेत्रा पवार ने गंगाजल चढ़ाकर अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा में चाचा शरद पवार, उनकी बेटी सुप्रिया सुले, गृह मंत्री अमित शाह सहित हजारों समर्थक शामिल हुए। बुधवार सुबह बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया था, जिसमें अजित पवार (66) समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी। महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।
बारामती में 29 जनवरी 2026 की सुबह भावुक माहौल रहा। अजित पवार का पार्थिव शरीर बुधवार रात से ही बारामती पहुंचा था, और देर रात से ही समर्थक और कार्यकर्ता अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे थे। सुबह होते ही विद्या प्रतिष्ठान मैदान और आसपास के इलाकों में भारी भीड़ जुट गई। कई जगहों पर जाम की स्थिति बन गई, क्योंकि लोग बाइक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, बसों और पैदल ही अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचे। अंतिम यात्रा में 1-2 किलोमीटर तक लोग ही लोग नजर आए—यह अजित पवार की बारामती और पश्चिम महाराष्ट्र में गहरी जड़ों का प्रमाण था।
अंतिम संस्कार में प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं
चाचा और NCP (एसपी) प्रमुख शरद पवार
सुप्रिया सुले (शरद पवार की बेटी और सांसद)
गृह मंत्री अमित शाह
महाराष्ट्र के कई मंत्री, विधायक, सांसद और अन्य राजनीतिक दल के नेता
परिवार की ओर से पार्थ पवार और जय पवार ने मुखाग्नि दी। पत्नी सुनेत्रा पवार ने पति के शरीर पर गंगाजल चढ़ाकर अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान भावुक माहौल रहा, कई समर्थकों ने आंसू बहाए और “अजित दादा अमर रहे” के नारे लगाए।
हादसे का विवरण
अजित पवार बुधवार सुबह पुणे से बारामती जा रहे थे, जहां वे 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए चार रैलियां संबोधित करने वाले थे। उनका चार्टर्ड प्लेन (छोटा प्राइवेट जेट) बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान सुबह 8:45 बजे क्रैश हो गया। हादसे में अजित पवार के अलावा उनके दो सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर की मौके पर मौत हो गई। कुल 5 लोगों की जान गई। शुरुआती जांच में पायलट एरर, खराब मौसम या तकनीकी खराबी को कारण माना जा रहा है। DGCA और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जांच शुरू कर दी है।
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के बड़े चेहरे थे। उन्होंने कई बार उपमुख्यमंत्री पद संभाला, NCP में बड़ा दबदबा रखा और 2023 में शरद पवार से अलग होकर BJP के साथ गठबंधन किया था। उनकी मौत से NCP (अजित गुट) और महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव आने की संभावना है।
महाराष्ट्र सरकार ने अजित पवार के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। सभी सरकारी भवनों पर झंडा आधा झुका रहेगा और आधिकारिक कार्यक्रम रद्द किए गए हैं। बारामती और आसपास के इलाकों में शोक की लहर है, जहां लोग उनके योगदान को याद कर रहे हैं।
INPUT-ANANYA MISHRA















































