UP: KGMU धर्मांतरण और यौन शोषण कांड मामले में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, निकाह का गवाह शारिक खान गिरफ्तार

लखनऊ: लखनऊ (Lucknow) के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े हाई-प्रोफाइल धर्मांतरण, यौन शोषण और ब्लैकमेल के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। चौक कोतवाली पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम के प्रमुख किरदारों में से एक शारिक खान (Shariq Khan) को पीलीभीत से गिरफ्तार कर लिया है। शारिक खान पर आरोप है कि उसने मुख्य आरोपी डॉ. रमीज मलिक (Rameez Malik) उर्फ रमीजुद्दीन नायक द्वारा एक महिला डॉक्टर के साथ किए गए कथित निकाह में गवाह के तौर पर हस्ताक्षर किए थे।

पुलिस जांच

पुलिस जांच में यह निकाहनामा फर्जी पाया गया है, और यह धर्मांतरण के बाद किया गया था। शारिक खान, आरोपी डॉ. रमीज के पिता सलीमुद्दीन का रिश्तेदार (दोस्त का रिश्तेदार) बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी से मामले की जांच में कई नए पहलू सामने आ सकते हैं, जैसे फर्जी दस्तावेजों का नेटवर्क, अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका और संभावित बड़े स्तर का धर्मांतरण रैकेट।

मुख्य आरोपी डॉ. रमीज पहले ही जेल में

इससे पहले मुख्य आरोपी डॉ. रमीज मलिक को 50 हजार रुपये के इनाम के साथ जनवरी 2026 में लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था। वह 18 दिनों तक फरार था। उसके माता-पिता सलीमुद्दीन और खतीजा भी जनवरी की शुरुआत में ठाकुरगंज क्षेत्र से गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस के अनुसार, वे दोनों भी दो महिलाओं (एक KGMU की और एक आगरा मेडिकल कॉलेज की) के यौन शोषण, जबरन गर्भपात और धर्मांतरण में शामिल थे।

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पीड़िता का आरोप 

पीड़िता (एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर) ने आरोप लगाया था कि डॉ. रमीज ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया, प्राइवेट फोटो और वीडियो से ब्लैकमेल किया, गर्भपात करवाया और इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाया। जब वह मना करती थी, तो मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न बढ़ता गया। पीड़िता ने दिसंबर 2025 में जहर खाकर सुसाइड की कोशिश की थी, जिसके बाद मामला सामने आया।

 जांच में बड़े खुलासे

मामला अब सिर्फ व्यक्तिगत अपराध तक सीमित नहीं रहा। STF (स्पेशल टास्क फोर्स) की जांच में PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) जैसे संगठनों के लिंक, दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट से जुड़ी आरोपी डॉ. शाहीन से संपर्क और फ्यूजिटिव जाकिर नाइक तक के कनेक्शन सामने आए हैं। रमीज ने पूछताछ में कई संदिग्ध गतिविधियां स्वीकार की हैं। जांच में पता चला है कि KGMU में एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय था, जिसमें कुछ अन्य डॉक्टर और स्टाफ भी शामिल हो सकते हैं।

KGMU प्रशासन की कार्रवाई

KGMU ने डॉ. रमीज को निष्कासित कर दिया है और उसे कैंपस में प्रवेश पर रोक लगा दी है। विश्वविद्यालय ने कैंपस से कई मजारों को हटाने के नोटिस जारी किए हैं, जिस पर विवाद भी हुआ है। VHP ने प्रदर्शन कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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अन्य गिरफ्तारियां और जुड़े मामले

मामले से जुड़े एक इंटर्न डॉक्टर मोहम्मद आदिल को भी यौन शोषण और ब्लैकमेल के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। निकाह कराने वाले काजी सैय्यद जाहिद हसन की भी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि यह “लव जिहाद” का संगठित रूप है, जिसमें हिंदू महिलाओं को फंसाकर जबरन धर्मांतरण कराया जाता था। यह मामला उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का हिस्सा बन गया है। STF की जांच जारी है, और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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