उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में आज बीजेपी के ही दो बड़े नेताओं—जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत (उर्फ गुड्डू राजपूत)—के बीच इतना तीखा विवाद भड़का कि मौके पर धक्का-मुक्की, नारेबाजी और सुरक्षा कर्मियों में झड़प हो गई। पूरा मामला जल जीवन मिशन की खामियों से जुड़ा है, जहां गांवों में पानी नहीं पहुंच रहा और पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं।
घटना का क्रम क्या था?
– मंत्री स्वतंत्र देव सिंह महोबा में एक कार्यक्रम (युवा उद्घोष या प्राइवेट कॉलेज कार्यक्रम) में शामिल होने पहुंचे थे।
– लंबे समय से नाराज विधायक ब्रजभूषण राजपूत अपने समर्थकों और करीब 100 ग्राम प्रधानों के साथ मंत्री के काफिले के सामने पहुंचे।
– विधायक ने बीच सड़क पर गाड़ियां लगाकर मंत्री का रास्ता रोक दिया और सड़कों की बदहाली तथा पानी न आने की समस्या जोर-शोर से उठाई।
– बात बढ़ने पर मंत्री और विधायक के बीच तीखी नोकझोंक हुई—विधायक ने अफसरों की लापरवाही और योजना के फेल होने का आरोप लगाया।
– समर्थकों ने मंत्री का घेराव किया, सुरक्षा कर्मियों और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई, जमकर नारेबाजी चली। कुछ रिपोर्ट्स में इसे “मंत्री को रोककर बंधक बनाने” जैसा बताया गया।
– हालात बिगड़ते देख मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने खुद विधायक को साथ लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे।
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डीएम कार्यालय में क्या हुआ?
– सभी ग्राम प्रधानों को बुलाकर आपात बैठक शुरू की गई, जहां पानी की किल्लत, सड़कों की मरम्मत और जल जीवन मिशन की प्रगति पर चर्चा हुई।
– स्थिति नियंत्रित करने के लिए डीएम कार्यालय के गेट बंद कर दिए गए, मीडिया और बाहरी लोगों का प्रवेश रोका गया।
– बैठक में विधायक ने प्रधानों के सामने खुलकर शिकायतें रखीं—कई गांवों में नल से पानी नहीं आ रहा, जबकि योजना को “हर घर नल” के नाम से प्रचारित किया गया था।
– बैठक अभी भी चल रही थी, जबकि मंत्री बाद में शहर कोतवाली क्षेत्र के एक प्राइवेट कॉलेज के कार्यक्रम में पहुंच गए।
राजनीतिक प्रभाव और जमीनी हकीकत
यह घटना बीजेपी के अंदर जमीनी स्तर पर बढ़ते असंतोष को साफ दिखाती है। जल जीवन मिशन जैसी फ्लैगशिप योजना में महोबा जैसे जिलों में कार्यान्वयन की बड़ी खामियां हैं—पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कें ठीक नहीं की गईं, जिससे ग्रामीणों को रोज परेशानी हो रही है। पहले भी कई बीजेपी विधायकों ने ऐसी शिकायतें की थीं, लेकिन आज खुलेआम मंत्री-विधायक टकराव ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।
मीडिया और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां रास्ता रोकना, नारेबाजी और बहस साफ दिख रही है। स्थिति पर नजर बनी हुई है—अगर बैठक से कोई समाधान या आधिकारिक बयान आता है, तो और अपडेट मिलेगा।
INPUT-ANANYA MISHRA














































