UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के महोबा जिले में शुक्रवार 30 जनवरी 2026 को उस समय राजनीतिक भूचाल आ गया, जब चरखारी से बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत (Brijbhushan Rajput) ने अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) का काफिला बीच सड़क पर रोक दिया। मंत्री जिले में सरकारी योजनाओं की समीक्षा और कार्यक्रमों में हिस्सा लेने पहुंचे थे, लेकिन इसी दौरान उनकी पार्टी के विधायक और समर्थक हाईवे पर विरोध में खड़े हो गए, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
अखिलेश यादव का तंज
महा समाचार : स्वतंत्र बने बंधक!
समाचार : भाजपा के विधायक बृजभूषण राजपूत ने क्षेत्र की बदहाल सड़कों, गांवों में पेयजल संकट और जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को लेकर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को बंधक बनाया।
विचार : हमने तो पहले ही कहा था कि भाजपा के ‘डबल इंजन’ ही नहीं डिब्बे भी… pic.twitter.com/XbHv5Dl1CM
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 30, 2026
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने एक्स पोस्ट पर लिखा, महा समाचार, स्वतंत्र बने बंधक! समाचार, भाजपा के विधायक बृजभूषण राजपूत ने क्षेत्र की बदहाल सड़कों, गांवों में पेयजल संकट और जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को लेकर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को बंधक बनाया। हमने तो पहले ही कहा था कि भाजपा के ‘डबल इंजन’ ही नहीं डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं। पैसे कमाने और ज़मीन क़ब्ज़ाने में लगे भाजपा के मंत्री हों या विधायक, इनमें से कोई भी जनता या विकास का काम नहीं कर रहे हैं। इसीलिए जनता के गुस्से से बचने के लिए वो एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। भाजपा के ही विधायक द्वारा, अपनी ही भाजपा सरकार के मंत्री को बंधक बनाना दर्शाता है कि भाजपा सरकार के विधायक अब अगले चुनाव में हारनेवाले हैं। वैसे ये न सोचा जाए कि ये इन दोनों के बीच की ही लड़ाई है, दरअसल ये तो केवल सैम्पल या कहें नमूना है, हर विधानसभा क्षेत्र में यही हाल है। इस बार भाजपा को चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी ही नहीं मिलेंगे। भाजपा की सत्ता पटरी से उतर गई है।
सड़कें खुदी, गुस्से में विधायक और ग्रामीण
बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत का कहना था कि उनके विधानसभा क्षेत्र के करीब 100 गांवों में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन डालने के बाद सड़कें महीनों से खुदी पड़ी हैं, लेकिन मरम्मत का काम नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत के बावजूद अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। विधायक के साथ करीब 50 ग्राम प्रधान और सैकड़ों समर्थक मौजूद थे, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
स्वतंत्र देव सिंह और बृजभूषण राजपूत पहुंचे कलेक्ट्रेट
स्थिति बिगड़ती देख मंत्री खुद गाड़ी से उतरकर विधायक तक पहुंचे और उन्हें शांत करने की कोशिश की। बाद में दोनों कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां अधिकारियों के साथ आपात बैठक हुई। मंत्री ने 20 दिनों के भीतर सड़कों की मरम्मत कराने का भरोसा दिलाया। हालांकि बैठक के बाद भी तनाव पूरी तरह कम नहीं हुआ। मंत्री बिना मीडिया से बात किए रवाना हो गए, जबकि विधायक ने चेतावनी दी कि अगर काम समय पर नहीं हुआ, तो वह और सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।














































