लखनऊ: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के प्रमुख संस्थान सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पादप संस्थान (सीएसआईआर-सीमैप), लखनऊ में आज (30 जनवरी 2026) से दो दिवसीय राष्ट्रीय किसान मेला-2026 का शुभारंभ हो गया है। यह मेला 30 और 31 जनवरी तक संस्थान परिसर में चल रहा है, जहां देशभर के किसान, स्वयं सहायता समूह, उद्यमी और हितधारक जुटे हैं। मेले का उद्देश्य औषधीय एवं सुगंधित पौधों (Medicinal & Aromatic Plants – MAPs) की उन्नत कृषि तकनीकों, नई किस्मों, प्रसंस्करण, विपणन और उद्यमिता के अवसरों को बढ़ावा देना है।
उद्घाटन समारोह की मुख्य बातें
मेले का औपचारिक उद्घाटन हरियाणा के करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने किया, जो मुख्य अतिथि थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन के साथ मेले की शुरुआत की। संस्थान के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सीएसआईआर-सीमैप ने कई व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय एवं सुगंध पौधों की उच्च उपज वाली किस्मों और उनकी कृषि प्रौद्योगिकियों का विकास किया है।
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कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन, अतिथियों का स्वागत, किसान मेला के प्रतिभागियों का परिचय, मुख्य अतिथि का उद्बोधन, धन्यवाद ज्ञापन और पौध सामग्री वितरण जैसे मुख्य कार्यक्रम शामिल थे। उद्घाटन के बाद लोहिया संस्थान और एनडीआरआई के साथ एमओयू साइन किए गए, जो किसानों के लिए नई सहयोग की शुरुआत है।
मेले में क्या-क्या होगा?
– किसान-वैज्ञानिक संवाद (Kisan Goshti): किसानों की समस्याओं पर चर्चा और समाधान।
– उन्नत किस्मों और तकनीकों का प्रदर्शन: पान, तुलसी, लेमनग्रास, मेंथा, सिट्रोनेला, रोजमेरी जैसी फसलों की नई किस्में।
– उद्यमिता अवसर: प्रसंस्करण, डिस्टिलेशन, गुणवत्ता नियंत्रण और बाजार से जुड़ी जानकारी।
– प्रशिक्षण और प्रदर्शनी: मोबाइल ऐप (CSIR-Aroma), रोज वॉटर मेकिंग, फील्ड विजिट और स्टॉल्स।
– पौध वितरण: किसानों को उन्नत पौध सामग्री मुफ्त या कम कीमत पर उपलब्ध।
– दूसरे दिन का कार्यक्रम: सीएसआईआर के महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिकों की मौजूदगी में और गहन सत्र।
यह मेला पिछले 18 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा है और इसमें हजारों किसान विभिन्न राज्यों से भाग लेते हैं। सीएसआईआर-सीमैप ने किसानों की आजीविका मजबूत करने, आय बढ़ाने और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मेले में भाग लेने वाले किसानों को न केवल नई तकनीकें सीखने का मौका मिल रहा है, बल्कि सीधे वैज्ञानिकों से बातचीत और बाजार से जुड़ने का अवसर भी।
INPUT-ANANYA MISHRA














































