बाराबंकी के मथुरा पुरवा में पांच दिन से सड़क पर भरा बाढ़ का पानी, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार

बाराबंकी: तहसील रामनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत मथुरा पुरवा मजरे लोहटी-जई में घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांव की मुख्य सड़क पर पिछले पांच दिनों से बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मार्ग को ऊंचा कराकर जलभराव की समस्या से स्थायी निजात दिलाने की मांग की है।

ग्रामीण गुड्डू शुक्ला, जुगल किशोर शुक्ला, गंगाराम, शिवमंगल, रामचंद्र, जगदीश, रेशमा, गुड्डन, चांदनी, लक्ष्मी, रामकुमारी, फूलमती आदि ने बताया कि गांव तराई क्षेत्र में स्थित होने के कारण घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ते ही बाढ़ का पानी गांव की ओर पहुंच जाता है। इस बार भी नदी के खतरे के लाल निशान के ऊपर बहने से गांव की ओर पानी लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव की कई फसलें जलमग्न हो चुकी हैं।

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ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान द्वारा गांव में इंटरलॉकिंग मार्ग का निर्माण कराया गया था, लेकिन मार्ग काफी नीचा होने के कारण बारिश और बाढ़ का पानी उस पर जमा हो जाता है। वर्तमान में भी सड़क पूरी तरह पानी में डूबी हुई है। ग्रामीणों को इसी पानी से होकर आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

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सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों और स्कूली विद्यार्थियों को हो रही है। जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल जाने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं ग्रामीणों को रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए भी इसी जलभराव वाले रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में पिछले दो वर्षों से अधिक समय से बाढ़ की समस्या बनी हुई है, लेकिन उन्हें अब तक बाढ़ राहत सामग्री का लाभ नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि वर्तमान में खराब और नीची पड़ी सड़क का स्थलीय निरीक्षण कराकर उसे ऊंचा कराया जाए तथा बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि मार्ग ऊंचा होने से भविष्य में बाढ़ के दौरान आवागमन की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

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