कमलेश तिवारी की हत्या पर आजमगढ़ में मना जश्न, मिठाई बांटकर बोले- ये तो है ट्रेलर.. पिक्चर अभी बाकी है, जांच में जुटी पुलिस

हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari) निर्मम हत्या मामले में एक ओर तो सारा देश शोक में डूबा तो वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे हैं जो मौत का जश्न मना रहे हैं. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ (Azamgarh) में मुस्लिम समाज के लोगों पर आरोप है कि उन्होंने कमलेश तिवारी की हत्या पर मिठाइयां बांटी. यह आरोप हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों ने लगाया है. आक्रोशित लोगों ने एसपी ऑफिस पहुंचकर प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.


दरअसल आजमगढ़ के मुकेरीगंज निवासी सेराज अहमद पर आरोप है कि उसने 5 साथियों के साथ मिलकर इलाके में मिठाई बांटकर जश्न मनाया. विश्व हिंदू महासंघ जिला प्रभारी हलधर दुबे ने बताया कि मुस्लिम युवकों ने अयोध्या मामले पर धमकी देते हुए कहा कि ये तो सिर्फ ट्रेलर है पिक्चर अभी बाकी है. इलाके के लोगों ने युवकों पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का भी आरोप लगाया है.


इससे पहले पीएम पर कर चुके अभद्र टिप्पणी

विश्व हिंदू महासंघ जिला प्रभारी हलधर दुबे ने बताया कि इससे पहले इन युवकों ने पीएम नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी की थी. जिसपर कार्रवाई भी हुई थी लेकिन फिर भी नहीं सुधरे.


5 गिरफ्तार

इससे पहले कमलेश तिवारी हत्याकांड में उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. ओपी सिंह ने कहा कि कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें गुजरात से तीन और यूपी से दो लोगों को कमलेश की पत्नी के FIR के बाद गिरफ्तार किया. यूपी से पकड़े गए दोनों आरोपी मौलाना अनवरुल हक और मुफ्ती नईम कासिम बिजनौर जिले से है. उन्होंने कहा कि हत्या के पीछे कमलेश तिवारी का 2015 में दिया गया एक बयान था. पुलिस ने गुजरात से जिन लोगों को हिरासत में लिया है उसमें मौलाना मोहसिन शेख, फैजान और राशिद अहमद पठान को गिरफ्तार किया है. हिरासत में लिए गए तीनों लोग सूरत के रहने वाले हैं. पुलिस फिलहाल इन सभी से पूछताछ कर रही है.


ऐसे हुई हत्या

बता दें कि अखिल भारत हिन्दू महासभा के खुद को अध्यक्ष बताने वाले कमलेश तिवारी की उनके घर में ही शुक्रवार को हत्या कर दी गई थी. इस घटना को अंजाम देने वाले तीन संदिग्धों को CCTV फुटेज में साफ देखा जा सकता है. घटना के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक सुबह दो लोग कमलेश तिवारी से मिलने आए थे. जिन्हें तिवारी ने भीतर बुलाया. फिर अपने साथी से कहा कि सिगरेट लेकर आएं. जब वह लौटा तो कमलेश तिवारी की हत्या हो चुकी थी. घर से एक पिस्तौल बरामद हुआ. ये लोग दिवाली की मिठाई देने के बहाने आए थे. डिब्बे में हथियार थे.



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