बलिया: बलिया पहुंचे समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने वर्तमान सरकार और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सामंतवादी व पूंजीवादी सोच के साथ काम कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं के सहारे लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता स्व रामगोविंद चौधरी के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे सपा प्रदेश अध्यक्ष ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि शोषितों और वंचितों के हक के लिए संघर्ष करने वाले ऐसे कद्दावर नेतृत्व का जाना न केवल बलिया बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि आज वर्तमान सरकार में सामाजिक न्याय का पूरी तरह अभाव दिख रहा है, ऐसे में समाजवादी पार्टी उनके दिखाए रास्ते पर चलकर समाज में भाईचारा और समता स्थापित करने के लिए संकल्पित है।
चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर बोलते हुए श्याम लाल पाल ने आरोप लगाया कि सुनियोजित तरीके से वंचित वर्ग के वोट काटने और फर्जी नाम जोड़ने का खेल चल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों फॉर्म नंबर 7 को फर्जी तरीके से प्रिंट कराकर बीएलओ तक पहुँचाया गया, ताकि गरीब और वंचित मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा सकें। सपा कार्यकर्ताओं की सजगता के चलते इस मामले को जिलाधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक पहुँचाया गया, जिससे इस धांधली पर रोक लग सकी। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि अब फॉर्म नंबर 6 के जरिए दूसरे राज्यों जैसे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से लोगों को लाकर स्थानीय वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने और एक ही व्यक्ति के कई-कई जगह वोट बनवाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सपा कार्यकर्ता बूथ स्तर पर पूरी मुस्तैदी से नजर बनाए हुए हैं।
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श्याम लाल पाल ने चुनाव आयोग की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी जीवित और सुरक्षित रह सकता है जब निर्वाचन आयोग पूरी तरह निष्पक्ष होकर चुनाव, मतदान और मतगणना कराए। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान और लोकतंत्र विश्व में सबसे मजबूत माने जाते हैं, लेकिन मौजूदा सत्ताधारी ताकतों ने इस पर आघात किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूंजीपतियों को नहीं, बल्कि देश के गरीबों, किसानों, व्यापारियों और महिलाओं को संविधान की सबसे ज्यादा जरूरत है।














