इटावा: दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे किसानों और बेरोजगार युवाओं पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में अन्नदाता किसान यूनियन ने गुरुवार को इटावा में विरोध जताते हुए राष्ट्रपति के नाम उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने घटना की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
23 जुलाई 2026 को जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि देश के विभिन्न राज्यों से दिल्ली पहुंचे किसान और बेरोजगार युवा अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिससे कई किसान और युवा घायल हो गए।
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ज्ञापन में कहा गया कि देश का अन्नदाता पहले से ही महंगाई, प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक संकट जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में किसानों और युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। संगठन ने राष्ट्रपति से मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा घायल किसानों और युवाओं को उचित मुआवजा और न्याय दिलाया जाए।
अन्नदाता किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों और युवाओं की मांगों की अनदेखी की गई तो देशभर में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार से किसानों के सम्मान, अधिकारों और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव, तहसील अध्यक्ष केरन सिंह, प्रचार मंत्री अमरचंद्र सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी रजनीश यादव, तहसील मीडिया प्रभारी राहुल यादव सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।
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