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UP: गरीब बच्चों के लिए आगे आए ईशान मिल्की, बोले- जरूरत पड़ी तो अपनी जमीन पर बनवाऊंगा आंगनबाड़ी भवन

UP: चंदौली के ग्राम सभा ताहिरपुर में आंगनबाड़ी केंद्र के नाम पर कथित रूप से बहुमंजिला निजी भवन निर्माण के मामले को लेकर शिकायतकर्ता ईशान मिल्की ने एक बार फिर जिलाधिकारी चंदौली का ध्यान गांव के बच्चों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया है. उनका कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि गांव के नौनिहालों को उनका अधिकार दिलाना है.

निष्पक्ष जांच की मांग

ईशान मिल्की ने बताया कि दो दिन पहले उन्होंने जिलाधिकारी को इस संबंध में शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी. उनका आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र के नाम पर भवन निर्माण तो दिखाया गया, लेकिन गांव के छोटे-छोटे बच्चे आज भी खुले आसमान के नीचे बैठकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं. भीषण गर्मी, बरसात और सर्दी के बीच बिना किसी स्थायी भवन के आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किया जा रहा है.

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भवन का उपयोग निजी आवास के रूप में किया जा रहा

उन्होंने दावा किया कि पिछले लगभग 15 वर्षों से आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन उनके घर के दरवाजे पर हो रहा है, जहां बच्चों के बैठने के लिए न तो पर्याप्त जगह है और न ही सुरक्षित भवन की व्यवस्था है. उनका आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र के नाम पर बनी चारदीवारी और भवन का उपयोग निजी आवास के रूप में किया जा रहा है, जबकि गरीब परिवारों के बच्चे बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं.

आधा बीघा जमीन दान देने को तैयार

ईशान मिल्की ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा ग्राम सभा ताहिरपुर में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए स्थायी भवन का निर्माण कराए जाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन के सामने भूमि की समस्या है, तो वह समाजहित में अपनी आधा बीघा जमीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए दान देने को तैयार हैं.

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बच्चों के भविष्य को लेकर जताई चिंता

उन्होंने कहा, बच्चे देश का भविष्य हैं. उनका स्थान खुले आसमान के नीचे नहीं, बल्कि सुरक्षित और सुविधायुक्त आंगनबाड़ी भवन में होना चाहिए. यदि मेरी आधा बीघा जमीन से गांव के बच्चों को पढ़ने के लिए छत मिल सकती है, तो मैं उसे निःस्वार्थ भाव से दान देने के लिए तैयार हूं।

ईशान मिल्की की प्रशासन से अपील

ईशान मिल्की ने प्रशासन से अपील की कि बच्चों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि गांव के नौनिहालों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा और पोषण सेवाओं का लाभ मिल सके.

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