रायबरेली: भ्रष्टाचार पर जिला प्रशासन का चाबुक एक बार फिर गरजा है। रायबरेली के राही विकास खंड में अंत्येष्टि स्थल निर्माण के नाम पर सरकारी धन के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। डीएम के कड़े रुख के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व ग्राम पंचायत अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मामला राही विकास खंड की जगदीशपुर ग्राम पंचायत का है, जहां ₹24 लाख की लागत से अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया जाना था। आरोप है कि निर्माण कार्य के नाम पर सरकारी खजाने से ₹13 लाख की मोटी रकम तो निकाल ली गई, लेकिन धरातल पर काम के नाम पर सिर्फ लीपापोती देखने को मिली। पैसों का आहरण होने के बावजूद निर्माण कार्य न के बराबर हुआ।
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जांच में खुली पोल, डीएम के आदेश पर गाज
सरकारी धन में अफरा-तफरी की शिकायत जब जिलाधिकारी तक पहुंची, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। सीडीओ ने पूरे मामले की जांच खंड विकास अधिकारी राही को सौंपी। बीडीओ की जांच में शिकायत सही पाई गई और वित्तीय अनियमितता की पोल खुल गई।
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जांच रिपोर्ट में धांधली की पुष्टि होते ही जिला पंचायत राज अधिकारी विनय सिंह ने एक्शन लेते हुए तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी सुषमा को सस्पेंड कर दिया। बता दें कि आरोपी अधिकारी वर्तमान में डलमऊ में वीडियो पंचायत के पद पर तैनात हैं।
इलाके में इस कार्रवाई के बाद से हड़कंप मचा हुआ है और चर्चाओं का बाजार गर्म है कि अंत्येष्टि स्थल जैसी जगह के बजट में भी डाका डालने से बाज नहीं आया गया।
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