रायबरेली: आधुनिक रेल कोच कारखाना लालगंज में कार्यरत सैकड़ों गरीब मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. कोच निर्माण का काम कर रही गुजरात की कंपनी ‘हिंदुस्तान फाइबर ग्लास वर्क्स लिमिटेड’ पर पिछले छह महीने से मजदूरों को वेतन न देने का सनसनीखेज आरोप लगा है. मेहनताना न मिलने से करीब 500 मजदूरों और दर्जनों पेटी कॉन्ट्रैक्टरों के परिवारों के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है.
6 महीने से भटक रहे मजदूर और कॉन्ट्रैक्टर
जानकारी के मुताबिक, कंपनी के अधीन करीब 500 मजदूर और पेटी कॉन्ट्रैक्टर कार्यरत हैं. पिछले आधे साल से मजदूरी न मिलने के कारण मजदूर पेटी कॉन्ट्रैक्टरों के चक्कर काट रहे हैं, वहीं कॉन्ट्रैक्टर कंपनी के अधिकारियों के आगे गुहार लगाने को मजबूर हैं। सूत्रों की मानें तो कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी और मैनेजर मजदूरों से नजरें बचाकर कारखाने में आ-जा रहे हैं.
GM से मिलने पहुंचे पीड़ितों को गेट से लौटाया
शुक्रवार को पीड़ित पेटी कॉन्ट्रैक्टर बृजेश मौर्य, सत्यम सविता, गणेश शंकर, विकास कुमार, विजय शंकर, सौरभ सिंह, मनीष तिवारी, रविंद्र सिंह, राकेश बहादुर सिंह, दिनेश सिंह और अनुभव सहित अन्य लोग अपनी समस्या लेकर कारखाने के महाप्रबंधक (GM) से मिलने पहुंचे. आरोप है कि अधीनस्थ अधिकारियों ने उन्हें मिलने का समय तक नहीं दिया और एडमिनिस्ट्रेटिव गेट से ही वापस लौटा दिया.
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
मजदूरों और पेटी कॉन्ट्रैक्टरों ने जिला प्रशासन व रेल कोच कारखाने के उच्च अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर बकाए का तुरंत भुगतान कराने की मांग की है. चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं कराया गया तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. फिलहाल इस पूरे मामले पर रेल कोच कारखाना प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

















































