Varanasi: देश में हुए पिछले लोकसभा और विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों की निष्पक्षता को लेकर वाराणसी जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस ने उन पर संवैधानिक मूल्यों के उल्लंघन और चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगाए हैं।
जानिए क्या है पूरा मामला?
ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें CEC के रूप में पदभार संभाला था। ज्ञापन में कांग्रेस ने विशेष रूप से वाराणसी लोकसभा चुनाव 2024 का मुद्दा उठाया है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली और ‘वोट चोरी’ हुई, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ। कांग्रेस ने वाराणसी लोकसभा चुनाव को निरस्त कर निष्पक्ष तरीके से दोबारा मतदान कराने की मांग की है। वाराणसी कांग्रेस ने राष्ट्रपति को दिए ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। साथ ही उन्हें पद से हटाने की मांग भी की गई है। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान हुए सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों को निरस्त कर दोबारा कराने की मांग भी रखी है। ज्ञापन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से उठाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोपों का भी उल्लेख किया गया है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो रहा
कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग की कथित गतिविधियों से संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो रहा है। पार्टी ने दावा किया कि आयोग के नेतृत्व ने नियमों की अनदेखी कर एक राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने का काम किया। हाल के दिनों में कांग्रेस ने देशभर में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी और पद से हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान भी किया है। वाराणसी कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास पर असर पड़ सकता है।













