बलिया (Ballia) के रसड़ा (Rasda) विधायक उमाशंकर सिंह (Umashankar Singh) के लखनऊ स्थित गोमतीनगर आवास और अन्य ठिकानों पर 25 फरवरी 2026 को आयकर विभाग (Income Tax Department) द्वारा की गई छापेमारी के दूसरे दिन उनके पुत्र यूकेश सिंह (Yukesh Singh) ने आधिकारिक बयान जारी किया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए बयान में यूकेश ने कहा कि पूरा परिवार और कर्मचारी आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने पिताजी की सेहत को लेकर भी जानकारी दी कि वे स्वस्थ हैं और दवाइयों व आराम का ध्यान रखते हुए जांच में सहयोग कर रहे हैं। यह बयान छापेमारी के बाद परिवार की ओर से पहला आधिकारिक रुख है, जिसमें सहयोग का जोर दिया गया है।
यूकेश सिंह का पूरा बयान
यूकेश सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘कल हमारे गोमतीनगर, लखनऊ स्थित आवास एवं ऑफिस पर इनकम टैक्स विभाग के द्वारा जांच की गई। मेरे पिताजी माननीय विधायक उमाशंकर सिंह जी तथा मैं एवं मेरा पूरा परिवार सहित कर्मचारी इनकम टैक्स के अधिकारियों के साथ पूरी तरह कॉर्पोरेट कर रहे हैं। इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी भी हमारे साथ कॉर्पोरेट कर रहे हैं। पिताजी स्वस्थ हैं, अपनी दवाइयां एवं आराम का ध्यान रखते हुए वे भी इनकम टैक्स के अधिकारियों के साथ कॉर्पोरेट कर रहे हैं। यह बयान विधायक के स्वास्थ्य (ब्लड कैंसर से पीड़ित) और परिवार की ओर से जांच में सहयोग का स्पष्ट संदेश देता है।
छापेमारी का संदर्भ और जांच का दायरा
आयकर विभाग ने 25 फरवरी सुबह विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ स्थित गोमतीनगर आवास, बलिया के पैतृक घर और सोनभद्र में उनकी कंपनी के प्लांट पर एक साथ छापेमारी की थी। टीम ने वित्तीय लेन-देन, PWD ठेकों, सोनभद्र में कथित अवैध खनन (CAG रिपोर्ट में 60 करोड़ का घोटाला आरोप), संपत्ति खरीद और आय से अधिक संपत्ति की जांच की। 50 से अधिक अधिकारियों की टीम ने दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल डिवाइस जब्त किए। विधायक वर्तमान में ब्लड कैंसर से पीड़ित हैं और इलाज के लिए लखनऊ में आइसोलेशन में हैं। उनके समधी योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने छापे पर नाराजगी जताई थी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और परिवार का रुख
यूकेश सिंह का बयान छापेमारी के बाद परिवार की ओर से पहला आधिकारिक रिस्पॉन्स है, जिसमें कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं है, बल्कि सहयोग पर जोर दिया गया है। यह रुख विधायक की बीमारी और जांच में सहयोग दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। विपक्षी नेता जैसे अखिलेश यादव ने छापे को राजनीतिक प्रतिशोध बताया था और व्यंग्य किया था कि कुछ लोग जापान गए हैं तो छापा पड़ गया। बसपा समर्थक इसे भाजपा द्वारा विरोधियों को दबाने की साजिश बता रहे हैं। परिवार का यह बयान जांच को शांतिपूर्ण तरीके से चलने देने का संकेत देता है।





































