UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सुल्तानपुर (Sultanpur) जिले में डायल 112 की पीआरवी 5298 पर तैनात सिपाही आमिर फिरदौस पर एक महिला द्वारा यौन शोषण का गंभीर आरोप लगने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर गुरुवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने देर रात ही आरोपी सिपाही को निलंबित भी कर दिया है। यह घटना बल्दीराय थाना क्षेत्र की है और पुलिस ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई है।
आरोप और तहरीर की पूरी कहानी
बल्दीराय थाना क्षेत्र की एक महिला ने डायल 112 पर तैनात सिपाही आमिर फिरदौस पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए लिखित तहरीर दी। महिला ने आरोप लगाया कि सिपाही ने ड्यूटी के दौरान उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और यौन शोषण की कोशिश की। तहरीर मिलने के बाद बल्दीराय थाने में तुरंत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने महिला के बयान और उपलब्ध सबूतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मेडिकल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सिपाही आमिर फिरदौस का सीएचसी बल्दीराय में मेडिकल कराया। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद उसे गुरुवार को एसीजेएम चतुर्थ भव्या श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इसके साथ ही पुलिस महकमे ने देर रात ही सिपाही को निलंबित कर दिया है। आरोपी सिपाही आमिर फिरदौस पुत्र फिरोज अहमद, निवासी भोरसड़ साहबगंज, चंदौली का रहने वाला है।
मामले की गंभीरता और जांच
यह मामला डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवा में तैनात एक सिपाही से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील है। महिला की तहरीर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच शुरू कर दी है। एसपी सुल्तानपुर ने मामले को प्राथमिकता पर लेने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि दोषी पाए जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक प्रतिक्रिया और चिंता
इस घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश है। लोग पूछ रहे हैं कि आपातकालीन सेवा में तैनात अधिकारी-कर्मचारी यदि महिलाओं की सुरक्षा के बजाय शोषण करते हैं तो आम जनता किस पर भरोसा करे। कई महिला संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त सजा की मांग की है।






































