अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच दुर्गम सीमा पर गुरुवार देर रात से भारी सैन्य संघर्ष छिड़ गया है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने दावा किया कि अफगान लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना पर हमला कर 55 सैनिकों को मार गिराया और एक पाकिस्तानी जेट भी मार गिराया। वहीं पाकिस्तान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई में ऑपरेशन ‘गजब लिल हक’ शुरू किया और अफगानिस्तान के कई शहरों—काबुल, नंगरहार, कंधार आदि—पर एयरस्ट्राइक की। पाक रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अब दोनों देशों के बीच खुला युद्ध छिड़ गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के दावों को खारिज करते हुए भारी नुकसान पहुंचाने का ऐलान किया है।
तालिबान का दावा
तालिबान के आधिकारिक प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने टोलो न्यूज को दिए बयान में कहा कि अफगान लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना पर हमला कर 55 सैनिकों को मार गिराया। उन्होंने दावा किया कि 23 पाकिस्तानी सैनिकों के शव उनके कब्जे में हैं। मुजाहिद ने यह भी कहा कि अफगान लड़ाकों ने एक पाकिस्तानी जेट को मार गिराया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। तालिबान ने पाकिस्तान के एक सैन्य हेडक्वार्टर और 19 चौकियों पर कब्जा करने का भी दावा किया है। यह हमला 22 फरवरी को पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के जवाब में किया गया बताया जा रहा है।
पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई
पाकिस्तानी सेना ने तालिबान के हमले के तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई शुरू की। पाकिस्तान ने ऑपरेशन ‘गजब लिल हक’ के तहत अफगानिस्तान के कई शहरों—काबुल, नंगरहार प्रांत, कंधार और अन्य इलाकों में एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तानी मीडिया और सेना के अनुसार अब तक 133 तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 200 से ज्यादा घायल हैं। पाक सेना ने 27 तालिबान चौकियां तबाह करने और 9 पर कब्जा करने का दावा किया है। पाकिस्तान रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, “हमारे सब्र की सीमा पार हो चुकी है। अब हमारे और आपके बीच खुला युद्ध छिड़ गया है।”
दोनों पक्षों के दावों में भारी अंतर
तालिबान और पाकिस्तान दोनों ने एक-दूसरे के दावों को पूरी तरह खारिज किया है। तालिबान ने पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक दावों को झूठा बताया है, जबकि पाकिस्तान ने तालिबान के 55 सैनिकों के मारे जाने और जेट गिराने के दावे को बेबुनियाद करार दिया है। दोनों पक्षों के दावों में संख्या और नुकसान के आंकड़ों में बहुत बड़ा अंतर है। अभी तक किसी स्वतंत्र स्रोत या अंतरराष्ट्रीय मीडिया से किसी भी दावे की पुष्टि नहीं हो पाई है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता
संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, चीन और अन्य देशों ने दोनों पक्षों से तत्काल संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है। पड़ोसी देशों में युद्ध फैलने की आशंका से डर है। अभी तक दोनों पक्षों के बीच कोई आधिकारिक बातचीत या सीजफायर की खबर नहीं है। सीमा पर तनाव चरम पर है और दोनों तरफ से अतिरिक्त सैनिकों और हथियारों की तैनाती की जा रही है।
INPUT-ANANYA MISHRA
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