UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) की मां और गोवंश के संबंध में की गई कथित अभद्र टिप्पणी के बाद अयोध्या में संत समाज में गहरा रोष देखने को मिला है। तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य (Paramhans Acharya) ने बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम के बयान पर कड़ी नाराजगी जताई और इसे समाज के लिए अपमानजनक करार दिया।
पोस्टर जलाकर जताई नाराजगी
रविवार को तपस्वी छावनी में आयोजित विरोध प्रदर्शन में परमहंस आचार्य ने मौलाना अब्दुल्ला सलीम का पोस्टर जलाया। इसके पहले उन्होंने पोस्टर को पैरों तले रौंदकर संत समाज की भावनाओं को दर्शाया। उन्होंने कहा कि यह बयान मातृशक्ति और गोवंश के अपमान के बराबर है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।
सरकार से देशद्रोह और कड़ी कार्रवाई की मांग
परमहंस आचार्य ने केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ देशद्रोह और NSA की धारा के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का अहम प्रतीक है और मातृशक्ति के अपमान को किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जा सकता।
विवादित बयान देने वाले के लिए इनाम का ऐलान
मातृ दिवस के अवसर पर किए गए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान परमहंस आचार्य ने यह भी घोषणा की कि जो व्यक्ति अब्दुल्ला सलीम को ’72 हूरों के पास भेजेगा’ उसे एक करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। उनके इस बयान से विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों में जोश और आक्रोश दोनों देखने को मिला।














































